हनुमानगढ़। श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय के अधीनस्थ बीएससी नर्सिंग एवं जीएनएम के छात्र-छात्राओं की ओर से अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में नर्सिंग पेशे के महत्व, सेवा भावना और स्वास्थ्य सेवाओं में नर्सांे के योगदान को सम्मान देना रहा। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियां और प्रेरणादायक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। छात्र-छात्राओं ने छात्र-छात्राओं सेवा को मानवता की सबसे बड़ी सेवा बताते हुए मरीजों की देखभाल, समर्पण और करुणा के महत्व को उजागर किया। इस मौके पर अतिथियों के रूप में रजिस्ट्रार एग्जाम सेल सुरेंद्र अरोड़ा, प्राचार्य जीआर शर्मा, डॉ. चंदन जिंदल, सीनियर नर्स छिंद्रपाल मौजूद रहे। अतिथियों ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए नर्सिंग पेशे को स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ बताया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। श्री गुरु गोबिंद सिंह चेरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने अपने संदेश में कहा कि नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा का सर्वोच्च माध्यम है। उन्होंने कहा कि नर्संे मरीजों की सेवा, देखभाल और मानसिक सहयोग के माध्यम से समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्राचार्य डॉ. सुखवीर सिंह ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं में सेवा भावना, पेशेवर नैतिकता और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति समर्पण की भावना विकसित करना है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ व्यवहारिक प्रशिक्षण और मानवीय मूल्यों के विकास पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। कार्यक्रम के अंत में नर्सिंग क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
