हनुमानगढ़। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के एक्शन प्लान एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार टाउन स्थित नेहरू मेमोरियल विधि महाविद्यालय में आयोजित एंटी-रैगिंग सप्ताह का शनिवार को समापन हुआ। 25 मई से 30 मई तक चले इस जागरूकता अभियान के अंतिम दिन महाविद्यालय में वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। समापन समारोह को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. सीताराम ने कहा कि संस्थान छात्र-छात्राओं को रैगिंग-मुक्त, सुरक्षित एवं स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) तथा उच्चतम न्यायालय की ओर से रैगिंग के विरुद्ध जारी दिशा-निर्देशों की पालना करने का आह्वान किया। प्राचार्य ने स्पष्ट किया कि महाविद्यालय परिसर में रैगिंग अथवा किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। उन्होंने बताया कि महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी उच्चतम न्यायालय की ओर से विशाखा बनाम राजस्थान राज्य मामले में दिए गए दिशा-निर्देशों की पूर्ण पालना की जाती है। महाविद्यालय के विधिक सेवा केन्द्र के प्रभारी डॉ. बृजेश अग्रवाल ने कहा कि एंटी-रैगिंग सप्ताह का मुख्य उद्देश्य परिसर में सौहार्दपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण को बढ़ावा देना तथा छात्र-छात्राओं को रैगिंग के कानूनी दुष्परिणामों, दंडात्मक प्रावधानों और उनके भविष्य पर पड़ने वाले प्रभावों के प्रति जागरूक करना था। सप्ताहभर छात्र-छात्राओं को जागरूक करने के लिए विभिन्न रचनात्मक एवं शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। समापन समारोह में सह-आचार्य डॉ. केबी ओझा, सहायक आचार्य डॉ. मोहम्मद इमरान, डॉ. दिनेश खोथ, निखिल सिगची, विकास चौधरी, हरीश यादव, अशोक कुमार, क्रांति गिला, करण बंसल और नरेश कुमार सहित महाविद्यालय के शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक स्टाफ के सदस्य तथा विधि के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
