हनुमानगढ़। ग्राम पंचायत मक्कासर ने अतिवृष्टि के दौरान गिनानी जोहड़ में होने वाले जलभराव की गंभीर समस्या के स्थाई समाधान के लिए घग्घर नदी तक जल निकासी व्यवस्था विकसित करने की मांग उठाई है। इस संबंध में ग्राम पंचायत की ओर से जिला कलक्टर को पत्र भेजकर नाला-ड्रेनेज अथवा पाइप लाइन निर्माण की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी करवाने का अनुरोध किया गया है। पत्र में बताया गया कि ग्राम पंचायत मक्कासर स्थित गिनानी जोहड़ में प्रत्येक वर्ष वर्षा ऋतु और अतिवृष्टि के दौरान बड़ी मात्रा में पानी एकत्र हो जाता है। जोहड़ के आसपास का क्षेत्र अपेक्षाकृत नीचा होने के कारण आसपास की कृषि भूमि का वर्षा जल ढाल के साथ बहकर यहां पहुंचता है। इससे जोहड़ की जलधारण क्षमता शीघ्र भर जाती है और अतिरिक्त पानी आसपास की आबादी एवं आवासीय क्षेत्रों में फैलने लगता है। ग्राम पंचायत के अनुसार पिछले वर्ष हुई अतिवृष्टि के दौरान करीब 150 घर जलभराव से प्रभावित हुए थे। कई मकानों में पानी भर जाने से घरेलू सामान, भवनों और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचा। साथ ही ग्रामीणों को आवागमन, पेयजल और स्वच्छता संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा। जलभराव के कारण संक्रामक रोग फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि समस्या के समाधान के लिए पूर्व में जोहड़ में तीन बोरवेल बनाए गए थे, लेकिन अत्यधिक जलभराव की स्थिति में वे पर्याप्त साबित नहीं हो रहे हैं। ग्रामवासियों का मानना है कि यदि गिनानी जोहड़ से घग्घर नदी तक अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए नाला-ड्रेनेज या पाइप लाइन प्रणाली विकसित कर दी जाए तो बाढ़ जैसी स्थिति से स्थाई राहत मिल सकती है। ग्राम पंचायत प्रशासक बलदेव सिंह ने बताया कि संबंधित विभाग के तकनीकी अधिकारियों की ओर से पूर्व में क्षेत्र का निरीक्षण तथा जोहड़ से घग्घर नदी तक पैमाइश की जा चुकी है। ऐसे में तकनीकी सर्वेक्षण कर परियोजना को शीघ्र स्वीकृति देने की मांग की गई है, ताकि भविष्य में जलभराव की समस्या से ग्रामवासियों को राहत मिल सके।
