हरियाणा/हिसार। नगर परिषद भिवानी में कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं, कचरा प्रबंधन में लापरवाही तथा बाहरी व्यक्तियों के हस्तक्षेप के आरोपों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। सामाजिक कार्यकर्ता एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी प्रिया असीजा ने इन मामलों की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाते हुए जिला नगर आयुक्त को शिकायत पत्र सौंपा है। प्रिया असीजा ने शिकायत की प्रतियां हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल तथा शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल को भी भेजी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर परिषद के कई निर्वाचित पार्षद स्वयं परिषद में व्याप्त भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं और विकास कार्यों में धांधली के आरोप सार्वजनिक रूप से लगा चुके हैं, जिससे परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने मांग की कि पिछले चार वर्षों के दौरान नगर परिषद द्वारा बेंच, साइन बोर्ड, स्ट्रीट लाइट, सड़क निर्माण, नालों तथा पार्कों के सुंदरीकरण पर किए गए खर्च का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक किया जाए। साथ ही इन कार्यों की टेंडर प्रक्रिया, कार्य आवंटन, भुगतान, सामग्री की गुणवत्ता और वास्तविक क्रियान्वयन की स्वतंत्र तकनीकी जांच करवाई जाए। कचरा प्रबंधन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए प्रिया असीजा ने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से कूड़ा निस्तारण की शर्तों के बावजूद डंपिंग ग्राउंड में हजारों टन कचरा जमा है। उन्होंने इसे अनुबंध की शर्तों और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमों का उल्लंघन बताते हुए संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों की जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने नगर परिषद की निर्वाचित महिला चेयरपर्सन के स्थान पर उनके पति, देवर और अन्य परिजनों द्वारा परिषद के प्रशासनिक एवं आधिकारिक कार्यों में कथित हस्तक्षेप के आरोपों की भी जांच की मांग उठाई। असीजा ने कहा कि यदि गैर-निर्वाचित व्यक्ति परिषद के निर्णयों को प्रभावित कर रहे हैं तो यह स्थानीय स्वशासन और महिला आरक्षण की मूल भावना के विपरीत है। प्रिया असीजा ने नगर परिषद के सभी प्रमुख विकास कार्यों, खरीद प्रक्रियाओं, टेंडरों और भुगतानों का स्वतंत्र वित्तीय एवं तकनीकी ऑडिट करवाकर उसकी रिपोर्ट जनहित में सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि नगर परिषद जनता के करदाताओं के पैसे से संचालित होती है, इसलिए उसके प्रत्येक खर्च में पारदर्शिता, जवाबदेही और वैधानिकता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
संवाददाता- राजेश सलूजा
