हनुमानगढ़। अनुसूचित जाति वर्ग के एक परिवार ने अपनी कृषि भूमि पर अवैध कब्जा किए जाने तथा विरोध करने पर जान से मारने की धमकियां मिलने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर न्याय की मांग की। परिवार ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन उनकी सुनवाई नहीं करता तो उन्हें इच्छामृत्यु की अनुमति दी जाए। गांव मक्कासर निवासी विनोद कुमार पुत्र रूपराम एवं अन्य वारिसों की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि चक 25 एलएलडब्ल्यू स्थित खाता संख्या 94/104 की कृषि भूमि राजस्व रिकॉर्ड में राही पत्नी माना, जैसा पुत्र माना उर्फ मानाराम, आशा पुत्र माना, निराणा पुत्र माना तथा पन्ना उर्फ पन्नाराम पुत्र माना के नाम दर्ज है। हल्का पटवारी ने भी अपनी रिपोर्ट में उक्त भूमि इन्हीं खातेदारों के नाम दर्ज होना बताया है। परिवार का आरोप है कि मनोहर लाल पुत्र सहीराम, रामसिंह पुत्र सहीराम, रामदत्त पुत्र सहीराम, तुषार, करण पुत्र श्योदत्त तथा विमला पत्नी श्योदत्त सहित अन्य लोगों ने भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है और वर्तमान में उस पर खेती कर रहे हैं। मामले को लेकर पूर्व में उपखंड अधिकारी, तहसीलदार तथा जिला प्रशासन को भी शिकायतें दी गई थीं। कथित फर्जी बैयनामे की जांच की मांग भी उठाई गई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित परिवार का कहना है कि संबंधित भूमि अनुसूचित जाति के खातेदारों की है तथा ऐसी भूमि का गैर-अनुसूचित जाति वर्ग के व्यक्तियों को हस्तांतरण कानूनन प्रतिबंधित है। इसके बावजूद नियमों की अनदेखी कर भूमि पर कब्जा किया गया है। विनोद कुमार ने आरोप लगाया कि शिकायतें करने और न्यायालय में वाद दायर करने का प्रयास करने पर उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं। आरोपी पक्ष प्रभावशाली और राजनीतिक पहुंच रखने वाला है, जिसके कारण परिवार भय के साये में जीवन यापन कर रहा है। परिवार ने प्रशासन से कब्जाधारियों से भूमि मुक्त करवाकर वास्तविक खातेदारों को सुपुर्द करने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही विनोद कुमार ने कहा कि यदि प्रशासन और सरकार उनकी सुनवाई नहीं करना चाहते तो उन्हें इच्छामृत्यु की अनुमति प्रदान कर दी जाए।
