जोधपुर,। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को जोधपुर दौरे के दौरान राज्य की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए गहलोत ने कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार, पानी संकट, पेंशन योजनाओं और लोकतंत्र को लेकर सरकार की आलोचना की। गहलोत ने कहा कि आज के दौर में विधायक और सांसद ऐसे बिक रहे हैं जैसे घोड़े, गधे, भैंस और बकरी बिकते हैं। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन लोटस के मुद्दे पर उनका मुंह न खुलवाया जाए और आरोप लगाया कि सरकार लोकतंत्र को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता को इस स्थिति पर गंभीरता से विचार करना चाहिए, अन्यथा देश का भविष्य खतरे में पड़ सकता है। राज्य में बढ़ते भ्रष्टाचार पर गहलोत ने कहा कि राजस्थान में भ्रष्टाचार की सभी सीमाएं पार हो चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि थानों के भीतर भी खुलेआम पैसे लिए जा रहे हैं। रेप जैसे मामलों में भी पीड़ितों को समझौता करने की सलाह दी जाती है। उन्होंने कहा कि हर सरकार में कुछ न कुछ भ्रष्टाचार होता है, लेकिन वर्तमान सरकार ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई कई जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि हाल ही में उदयपुर और जालोर दौरे के दौरान उन्हें ऐसे कई बुजुर्ग मिले जिन्हें पिछले तीन-चार महीनों से पेंशन नहीं मिली है। इससे लोगों में भारी नाराजगी और परेशानी है। जोधपुर में हाल ही में हुई फायरिंग की घटना का उल्लेख करते हुए गहलोत ने कहा कि अपराधियों ने पीड़ितों को दौड़ा-दौड़ाकर मारा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में हत्या, रेप और फायरिंग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के एलिवेटेड रोड संबंधी बयान पर पलटवार करते हुए गहलोत ने कहा कि उन्होंने कभी इस परियोजना में बाधा नहीं डाली। बल्कि यह परियोजना उनकी पहल पर ही शुरू हुई थी। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने स्वयं केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से इस संबंध में अनुरोध किया था। गहलोत ने कहा कि शेखावत के आरोप निराधार हैं और वे राजनीतिक दबाव में ऐसे बयान दे रहे हैं। जोधपुर भाजपा में कथित अंदरूनी कलह पर टिप्पणी करते हुए गहलोत ने कहा कि भाजपा के विधायक स्वयं पार्टी कार्यक्रमों से दूरी बना रहे हैं और बहाने बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति पहले किसी सरकार में देखने को नहीं मिली। शहर में पानी संकट को लेकर भी गहलोत ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि लोग पानी की समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार मंत्री इस मुद्दे को गंभीरता से लेने के बजाय मजाक बना रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि उनकी सरकार ने आवश्यकता पड़ने पर ट्रेन से पानी मंगवाने तक की व्यवस्था की थी। लखनऊ में हाल ही में हुए अग्निकांड पर प्रतिक्रिया देते हुए गहलोत ने कहा कि ऐसी घटनाएं बेहद गंभीर हैं और सरकारों को सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। राजनीतिक सक्रियता को लेकर पूछे गए सवाल पर गहलोत ने कहा कि विधानसभा चुनाव परिणाम आने के अगले दिन से ही वे सक्रिय हैं। चौथी बार मुख्यमंत्री बनने की संभावनाओं पर उन्होंने कहा कि तीन बार मुख्यमंत्री बनना भी कम उपलब्धि नहीं है, बाकी फैसला कांग्रेस हाईकमान को करना है।
