– नियमितीकरण, मानदेय बढ़ोतरी और सेवा नियमों में शामिल करने की मांग
हनुमानगढ़। आशा सहयोगिनी संगठन के बैनर तले मंगलवार को जिलेभर की आशा सहयोगिनियों ने जिला कलक्ट्रेट के समक्ष प्रदर्शन कर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। जिलाध्यक्ष प्रमिला के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान आशा सहयोगिनियों ने नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर को 10 सूत्री मांगपत्र सौंपा और जल्द समाधान की मांग की। प्रदर्शन के दौरान आशा सहयोगिनी सुन्दर ने कहा कि भीषण गर्मी और कड़ी धूप में जहां लोग वातानुकूलित कमरों में बैठे रहते हैं, वहीं आशा सहयोगिनियां गांव-गांव और घर-घर जाकर स्वास्थ्य योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य करती हैं। इसके बावजूद उन्हें समय पर और पर्याप्त भुगतान नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि सरकार योजनाएं बनाकर उनका क्रियान्वयन आशा सहयोगिनियों के माध्यम से कराती है, लेकिन उनके मानदेय और सुविधाओं की अनदेखी की जा रही है। पहले मानदेय का भुगतान एकमुश्त होता था, जबकि अब टुकड़ों में भुगतान होने से आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कई बार राशन खरीदने तक में परेशानी का सामना करना पड़ता है। आशा सहयोगिनियों ने आरोप लगाया कि उन्हें मानदेय कर्मी होने के बावजूद लगातार नए-नए लक्ष्य दिए जाते हैं। कार्य का दबाव बढ़ता जा रहा है और काम करने से इनकार करने पर धमकियां भी मिलती हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की सफलता में आशा सहयोगिनियों की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन उनके योगदान के अनुरूप सम्मान और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि कई आशा सहयोगिनियां पिछले 20 से 25 वर्षांे से सेवाएं दे रही हैं। ऐसे में उन्हें मानदेय आधारित व्यवस्था से निकालकर नियमित वेतनमान में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी आशा सहयोगिनियों से अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान भी किया। प्रदर्शन के बाद जिला कलक्टर को सौंपे गए ज्ञापन के जरिए रूल्स-2022 में आशा सहयोगिनियों को शामिल कर स्थायी करने तथा स्वेच्छिक शब्द हटाने, सेवानिवृत्ति पर एकमुश्त आर्थिक सहायता देने, एएनएम का कोर्स कर चुकी आशा सहयोगिनियों को सीधे एएनएम पद पर नियुक्ति देने, बजट में घोषित 10 प्रतिशत मानदेय वृद्धि को तत्काल लागू करने, मासिक बैठकों में हिस्सा लेने पर किराया भत्ता देने, ड्रेस भत्ते के रूप में प्रत्येक छह माह में 2000 रुपए देने तथा रूल्स-2022 में शामिल होने तक आशा सहयोगिनियों का मानदेय बढ़ाकर 26 हजार रुपये प्रतिमाह करने आदि की मांग की गई। संगठन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
