हनुमानगढ़। सर्वसमाज ई-रिक्शा यूनियन ने यातायात पुलिस की ओर से बड़ी संख्या में ई-रिक्शा जब्त किए जाने की कार्रवाई का विरोध करते हुए मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में नारेबाजी की। इसके बाद पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच करवाने और ई-रिक्शा चालकों को राहत दिलाने की मांग की। यूनियन जिलाध्यक्ष कत्तर सिंह और तहसील अध्यक्ष विकास झोरड़ ने आरोप लगाया कि 22 जून को यातायात पुलिस की ओर से लगभग 50 ई-रिक्शा जब्त किए गए। यूनियन का कहना है कि अधिकांश ई-रिक्शा चालकों की कोई गलती नहीं थी, फिर भी उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। यातायात पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई से ई-रिक्शा चालकों में भारी रोष व्याप्त है। यूनियन का आरोप है कि चालान लक्ष्य पूरा करने के लिए गरीब ई-रिक्शा मालिकों और चालकों को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। यूनियन पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक से मांग की कि जब्त किए गए ई-रिक्शों की कार्रवाई की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित चालकों को न्याय दिलाया जाए। यह भी मांग की गई कि भविष्य में बिना उचित कारण और एकतरफा तरीके से ऐसी कार्रवाई नहीं की जाए तथा यातायात व्यवस्था के नाम पर ई-रिक्शा चालकों का अनावश्यक उत्पीड़न रोका जाए। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो ई-रिक्शा चालक आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस मौके पर लीलूराम, सुभाष, लखन, गुलशन, अशोक, अतुल, सुनील, चिमनलाल, विनोद, प्रमोद, गोपीसिंह सहित कई अन्य ई-रिक्शा चालक मौजूद थे।
