उज्जैन। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शनिवार को उज्जैन में राम मंदिर दान मामले को लेकर केंद्र सरकार, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को भ्रष्ट बताते हुए उनके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की। देवास रोड स्थित सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में दिग्विजय सिंह ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने किया है, इसलिए ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और उसमें सामने आए आरोपों की जिम्मेदारी भी केंद्र सरकार की है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद का धर्म और धार्मिक गतिविधियों से कोई सरोकार नहीं है और वे केवल सत्ता की राजनीति में रुचि रखते हैं। दिग्विजय सिंह ने कहा कि राम मंदिर में चांदी की ईंट, आभूषण, नकदी और विदेशी चंदे को लेकर गड़बड़ियों के आरोप सामने आए हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय समेत सभी ट्रस्टियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। उन्होंने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर भी सवाल उठाए और धार्मिक परंपराओं के पालन को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी राम मंदिर दान मामले को गांव-गांव तक ले जाएगी। उन्होंने बताया कि उज्जैन जिले की 609 पंचायतों में कांग्रेस ने दल और मंडल स्तर पर समितियां गठित की हैं, जो घर-घर जाकर लोगों को इस मुद्दे की जानकारी देंगी। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने महाकाल मंदिर की व्यवस्थाओं और मंदिर की जमीन से जुड़े मामलों पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर की जमीन पर कब्जे हुए हैं और साधु-संतों की उपेक्षा की जा रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस संबंध में वे पहले भी अदालत का रुख कर चुके हैं। इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन रीजन के नामकरण विवाद पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि क्षेत्र के नाम में इंदौर का नाम पहले होना चाहिए। वहीं मुख्यमंत्री को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासनिक गड़बड़ियों की जिम्मेदारी अंततः सरकार और मुख्यमंत्री पर ही आएगी। प्रेस वार्ता के दौरान दिग्विजय सिंह ने कुछ दस्तावेज और फाइलें भी दिखाईं। उन्होंने दावा किया कि उनके पास नए दस्तावेज पहुंचे हैं और जांच पूरी होने के बाद वे संबंधित नामों और तथ्यों का खुलासा करेंगे। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल वे किसी व्यक्ति विशेष पर आरोप नहीं लगा रहे हैं।
नोट: दिग्विजय सिंह द्वारा लगाए गए आरोप उनके राजनीतिक बयान हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है।
