प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव का परिवार “राम द्रोहियों का परिवार” है और उनके परिवार के हाथ रामभक्तों के खून से रंगे हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक अखिलेश यादव को अयोध्या जाकर श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन करने की भी फुर्सत नहीं मिली है। डिप्टी सीएम ने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में एसआईटी जांच कर रही है, एफआईआर दर्ज हो चुकी है और आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इसके बावजूद अखिलेश यादव इस मुद्दे पर “ऊल-जुलूल बयान” देकर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी बयानबाजी जारी रही तो रामभक्त और राष्ट्रभक्त इसका जवाब देंगे और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी का प्रदेश से सूपड़ा साफ हो जाएगा। तीसरे मोर्चे की अटकलों पर, चंद्रशेखर आजाद और स्वामी प्रसाद मौर्य की मुलाकात को लेकर पूछे गए सवाल पर केशव मौर्य ने कहा कि किसी भी मोर्चे से भाजपा को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। उन्होंने दावा किया कि 2027 में उत्तर प्रदेश में भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी और भविष्य में भी भाजपा का ही राजनीतिक वर्चस्व रहेगा। उन्होंने कहा, “भाजपा ही वर्तमान है और भाजपा ही भविष्य है।” कर्नाटक की कांग्रेस सरकार द्वारा नरेंद्र मोदी, अमित शाह और योगी आदित्यनाथ के इस्तीफे की मांग पर भी डिप्टी सीएम ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए और रामसेतु के अस्तित्व को भी सर्वोच्च न्यायालय में नकारा था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति के कारण अयोध्या, मथुरा और काशी के मंदिरों से जुड़े मुद्दों को वर्षों तक लंबित रखा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ, जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाई गई और काशी विश्वनाथ धाम का भव्य कॉरिडोर विकसित किया गया। उन्होंने विश्वास जताया कि न्यायालय में लंबित मामलों में भी सत्य और श्रद्धा की जीत होगी। इससे पहले प्रयागराज में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया गया, जिसमें डिप्टी सीएम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। जिला पंचायत सभागार में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे। योजना के तहत बेसिक शिक्षा परिषद और माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों, कर्मचारियों तथा उनके आश्रितों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के माध्यम से देशभर के सूचीबद्ध अस्पतालों में प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी। यह सुविधा आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही डीबीटी वितरण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।
