सीकर/जयपुर। राजस्थान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शिक्षा विभाग में हुए तबादलों को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर लक्ष्मणगढ़ विधानसभा क्षेत्र सहित शेखावाटी में बड़े पैमाने पर किए गए तबादलों पर कड़ी आपत्ति जताई है। साथ ही शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर भी निशाना साधा है। डोटासरा ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि उनके विधानसभा क्षेत्र लक्ष्मणगढ़ में शिक्षा विभाग ने राजनीतिक दुर्भावना के तहत बड़े पैमाने पर शिक्षकों के तबादले किए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या शेखावाटी की जनता ने भाजपा को इसी उद्देश्य से जनादेश दिया था। उनके अनुसार, भाजपा सरकार ने राजनीतिक रंजिश और तानाशाही रवैये के तहत सीकर, चूरू और झुंझुनूं में शिक्षकों के तबादले किए हैं, जो शिक्षा मंत्री की कार्यशैली को दर्शाता है। उन्होंने दावा किया कि शेखावाटी में शिक्षा विभाग के तबादलों के आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं। डोटासरा के अनुसार, अब तक केवल लक्ष्मणगढ़ विधानसभा क्षेत्र से करीब 400 शिक्षकों के तबादले किए जा चुके हैं, जिससे क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होगी। डोटासरा ने पत्र में आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि द्वितीय श्रेणी शिक्षकों की तबादला सूची में शिक्षा मंडल चूरू के कुल 808 तबादलों में से 356 प्रशासनिक आधार पर किए गए हैं। वहीं लक्ष्मणगढ़ विधानसभा क्षेत्र में कुल 174 तबादलों में से 147 प्रशासनिक आधार पर हुए, जो लगभग 84.48 प्रतिशत हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले जारी व्याख्याता तबादला सूची में लक्ष्मणगढ़ के 143 में से 122 (85.31 प्रतिशत) तथा प्रधानाचार्य तबादला सूची में 81 में से 71 (87.65 प्रतिशत) तबादले प्रशासनिक आधार पर किए गए थे। डोटासरा ने सरकार से सवाल किया कि क्या शिक्षकों को पढ़ाने के बजाय तबादलों के जरिए डराने और प्रताड़ित करने की नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सिर्फ शेखावाटी ही नहीं, बल्कि प्रदेश के उन क्षेत्रों में भी इसी तरह के तबादले किए जा रहे हैं जहां कांग्रेस के जनप्रतिनिधि हैं। अपने पत्र के अंत में उन्होंने कहा कि लगातार एक ही संभाग और एक ही विधानसभा क्षेत्र को निशाना बनाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि सरकार जनहित के मुद्दे उठाने वाले जनप्रतिनिधियों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि वे अपने क्षेत्र के लोगों, विद्यार्थियों और शिक्षकों के हितों की आवाज पहले भी उठाते रहे हैं और आगे भी मजबूती से उठाते रहेंगे।
