– एनपीटीईएल जुलाई-दिसंबर 2026 पाठ्यक्रमों का शुभारंभ, कोर्स कैटलॉग व पोस्टर का विमोचन
हनुमानगढ़। श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय में एनपीटीईएल (नेशनल प्रोग्राम ऑन टेक्नोलॉजी एन्हांस्ड लर्निंग) के जुलाई-दिसंबर 2026 सेमेस्टर के ऑनलाइन पाठ्यक्रमों का शुभारंभ गुरुवार को विधिवत रूप से किया गया। इस मौके पर एनपीटीईएल कोर्स कैटलॉग एवं पोस्टर का औपचारिक विमोचन किया गया तथा छात्र-छात्राओं और संकाय सदस्यों को पाठ्यक्रमों, पंजीकरण प्रक्रिया, परीक्षा प्रणाली एवं उनके शैक्षणिक और व्यावसायिक लाभों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर विभूति नारायण, डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. पूजा जुनेजा, आईक्यूएसी डायरेक्टर डॉ. अवधेश शर्मा, कुलवंत सिंह तथा एनपीटीईएल लोकल चैप्टर के एसपीओसी एवं कंप्यूटर साइंस विभाग के सहायक प्राध्यापक प्रदीप स्वामी मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि यह पहल छात्र-छात्राओं की तकनीकी दक्षता, शोध क्षमता, नवाचार और रोजगार की संभावनाओं को मजबूत करेगी। श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि एनपीटीईएल के माध्यम से छात्र-छात्राओं को देश के शीर्ष शिक्षण संस्थानों के विशेषज्ञ शिक्षकों से सीखने का मौका मिलेगा, जिससे उनकी तकनीकी दक्षता, शोध अभिरुचि और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल का विकास होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त करने में भी सहायक सिद्ध होगी। विश्वविद्यालय ने हाल ही में एनपीटीईएल लोकल चैप्टर के रूप में पंजीकरण प्राप्त किया है। इसके तहत अब विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) तथा भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी), बेंगलुरु के विशेषज्ञ प्रोफेसरों की ओर से संचालित ऑनलाइन पाठ्यक्रमों का अध्ययन करने का मौका मिलेगा। निर्धारित परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्र-छात्राओं को एनपीटीईएल की ओर से प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा। एनपीटीईएल के माध्यम से छात्र-छात्राओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कंप्यूटर साइंस, डेटा साइंस, प्रोग्रामिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, मानविकी, गणित एवं विज्ञान सहित अनेक विषयों के सैकड़ों ऑनलाइन पाठ्यक्रम उपलब्ध होंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों से अधिक से अधिक संख्या में इन पाठ्यक्रमों में पंजीकरण करने तथा संकाय सदस्यों से छात्र-छात्राओं को इससे जोड़ने का आह्वान किया।
