– तीन वर्षां से मेधावी छात्राओं और उत्कृष्ट खिलाड़ियों की तस्वीरों से सज रहे हैं नोटबुक कवर- पुरस्कार के साथ मिल रही सफलता की नई प्रेरणा
हनुमानगढ़। सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक प्रयास किए जाते हैं, लेकिन राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, फेफाना ने इस दिशा में ऐसा अभिनव प्रयोग शुरू किया है, जिसने शिक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है। विद्यालय में पिछले तीन वर्षांे से मेधावी छात्राओं, बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं और राज्य स्तर तक अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाली खिलाड़ियों की तस्वीरें विद्यालय की नोटबुक्स के कवर पृष्ठ पर प्रकाशित की जा रही हैं। यही नोटबुक्स विभिन्न शैक्षणिक, सह-शैक्षणिक एवं खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार स्वरूप भेंट की जाती हैं। इस अनूठी पहल का उद्देश्य केवल पुरस्कार देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के मन में यह विश्वास जगाना है कि मेहनत, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को विद्यालय हमेशा सम्मान देता है। जब छात्र-छात्राएं अपने ही विद्यालय की सफल बालिकाओं की तस्वीरों वाली नोटबुक अपने हाथों में लेते हैं, तो उनके भीतर भी बेहतर प्रदर्शन करने की नई ऊर्जा और लक्ष्य हासिल करने का उत्साह पैदा होता है।

विद्यालय की ओर से तैयार कराई गई नोटबुक्स के कवर पर कक्षा 10 एवं 12 बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं, गार्गी पुरस्कार विजेताओं, ए ग्रेड हासिल करने वाली बालिकाओं तथा राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में विद्यालय का नाम रोशन करने वाली खिलाड़ियों को प्रमुखता से स्थान दिया गया है। साथ ही विद्यालय परिसर, ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान तथा ‘वृक्षों का रोपण, जल संकट का निवारण’ जैसे सामाजिक संदेशों को भी आकर्षक ढंग से शामिल किया गया है, जिससे विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सरोकारों के प्रति भी जागरूकता बढ़े। विद्यालय प्रशासन का मानना है कि सम्मान केवल मंच पर पुरस्कार लेने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसे स्थायी पहचान भी मिलनी चाहिए। इसी सोच के साथ विद्यालय की प्रतिभाओं को नोटबुक के माध्यम से एक ऐसी पहचान दी जा रही है, जो हर विद्यार्थी के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है। विद्यालय की इस रचनात्मक और प्रेरणादायी पहल के लिए प्रधानाचार्य प्रियंका चौधरी तथा उनकी पूरी टीम बधाई और साधुवाद की पात्र है। उनका यह प्रयास न केवल छात्राओं का मनोबल बढ़ा रहा है, बल्कि सरकारी विद्यालयों में नवाचार आधारित शिक्षा और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की एक नई संस्कृति भी स्थापित कर रहा है।

बढ़ी उत्कृष्ट प्रदर्शन की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा
विद्यालय की इस पहल का सकारात्मक प्रभाव अब स्पष्ट दिखाई देने लगा है। छात्राओं में बोर्ड परीक्षाओं, खेल प्रतियोगिताओं और अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। प्रत्येक विद्यार्थी यह सपना संजोने लगा है कि अगली बार उसकी तस्वीर भी विद्यालय की नोटबुक के कवर पर प्रकाशित हो। इस अभिनव प्रयोग की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी पन्ना लाल कड़ेला ने विद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे नवाचार विद्यार्थियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन की भावना विकसित करने के साथ-साथ सरकारी विद्यालयों की सकारात्मक छवि को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि अन्य विद्यालय भी इस प्रकार के प्रेरणादायी प्रयोग अपनाएं तो विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और सीखने का उत्साह और बढ़ेगा। शिक्षा अधिकारी रजनीश गोदारा ने इसे प्रोत्साहन आधारित शिक्षा का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धियों के अनुरूप सम्मान देना उनके आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाता है। वहीं अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी इन्द्रजीत शर्मा ने कहा कि विद्यालय का यह प्रयास छात्राओं को निरंतर बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित कर रहा है और इसे जिले के अन्य विद्यालयों में भी अपनाया जाना चाहिए।
