हनुमानगढ़। शिक्षा विभाग बीकानेर की ओर से आयोजित दो दिवसीय वार्षिक शारीरिक शिक्षा अध्यापक वाकपीठ संगोष्ठी का शुभारंभ सोमवार को जंक्शन स्थित सारस्वत भवन में हुआ। गांव अमरपुरा थेड़ी के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के तत्वावधान में आयोजित संगोष्ठी में जिलेभर के शारीरिक शिक्षा अध्यापकों ने खेल गतिविधियों, आगामी प्रतियोगिताओं की तैयारियों, खेल नियमों में हुए बदलाव और खेल शिक्षा से जुड़ी चुनौतियों पर मंथन किया। उद्घाटन सत्र में अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) अजय भार्गव, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) प्रेम दूधवाल, जिला खेल अधिकारी शमशेर सिंह तथा अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी (शारीरिक शिक्षा) भीम मौजूद रहे। संगोष्ठी में खेल विशेषज्ञों ने विभिन्न खेलों के नियमों में समय-समय पर होने वाले बदलावों की जानकारी दी। साथ ही युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए अधिक से अधिक युवाओं को खेलों से जोड़ने पर जोर दिया गया। शारीरिक शिक्षकों ने आगामी खेल प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं और सामने आने वाली समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया तथा उनके समाधान की मांग की। खेल विशेषज्ञों का कहना था कि यदि सरकार पर्याप्त बजट उपलब्ध कराए तो खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन और अधिक प्रभावी एवं बेहतर तरीके से किया जा सकता है। आयोजकों ने बताया कि दो दिवसीय संगोष्ठी में पूरे जिले के शारीरिक शिक्षक खेलों और शारीरिक शिक्षा से जुड़ी समस्याओं, खेल बजट बढ़ाने के सुझावों तथा हनुमानगढ़ की खेल प्रतिभाओं को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक रणनीति पर विचार-विमर्श करेंगे। संगोष्ठी में प्राप्त सुझावों और प्रस्तावों को संकलित कर जिला शिक्षा अधिकारी तथा जिला कलक्टर को भेजा जाएगा, ताकि जिले में खेल गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके। संगोष्ठी में राजेन्द्र झोरड़, मस्तान सिंह, अजय स्वामी, केवल सिंह सहित अन्य शारीरिक शिक्षकों ने विचार रखे।
