हनुमानगढ़। गोलूवाला थाना पुलिस ने नशीली दवाओं की अवैध बिक्री के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एनएच-54 के निर्माणाधीन बाइपास पर एक युवक को 300 प्रेगाबलिन कैप्सूल के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी के पास इन कैप्सूल को रखने या बेचने के लिए कोई लाइसेंस, परमिट अथवा चिकित्सकीय पर्ची नहीं थी। पुलिस ने कैप्सूल जब्त कर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार बुधवार को शाम करीब 4.35 बजे गोलूवाला थाना पुलिस गश्त पर थी। इसी दौरान खाराचक के पास मुखबिर से सूचना मिली कि सूरांवाली निवासी सुभाष एनएच-54 के निर्माणाधीन बाइपास पर प्रतिबंधित नशीले कैप्सूल बेच रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम सूरांवाली रोही में प्रदीप सहारण की ढाणी के पास पहुंची। पुलिस के मुताबिक सड़क किनारे खेजड़ी के पेड़ के नीचे सीमेंट के पाइप पर एक युवक बैठा दिखाई दिया। पुलिस को देखकर वह उठ खड़ा हुआ। पूछताछ में उसने अपना नाम सुभाषचन्द्र (31) पुत्र जगदीश चन्द्र निवासी वार्ड नंबर 6, सूरांवाली बताया। उसके हाथ में मौजूद सफेद रंग की प्लास्टिक थैली के बारे में पूछने पर वह घबरा गया और संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। तलाशी लेने पर थैली के अंदर प्रेगाबलिन कैप्सूल आईपी 300 मिलीग्राम के 30 पत्ते मिले। प्रत्येक पत्ते में 10 कैप्सूल थे। इस तरह कुल 300 कैप्सूल बरामद किए गए। पुलिस ने सुभाषचन्द्र से कैप्सूल रखने के संबंध में लाइसेंस, परमिट और डॉक्टर की पर्ची मांगी, लेकिन उसके पास इनमें से कोई दस्तावेज नहीं मिला। पुलिस कार्रवाई में आरोपी के हवाले से बताया गया कि वह ये कैप्सूल खुद खाने और नशा करने वालों को बेचने के लिए करीब पांच दिन पहले हनुमानगढ़ टाउन की रमाणा कॉलोनी निवासी मनप्रीत सिंह पुत्र हरविन्द्र सिंह जटसिख से लेकर आया था। पुलिस के अनुसार जिला कलक्टर के 14 अगस्त 2026 के आदेश के तहत जिले की सीमा में प्रेगाबलिन कैप्सूल की खुली एवं अनियंत्रित बिक्री पर रोक लगाई गई है। सुभाषचन्द्र ने बिना लाइसेंस व परमिट के कैप्सूल अपने कब्जे में रखकर तथा बिक्री के उद्देश्य से रखकर जिला कलक्टर के आदेश की अवहेलना की। बरामद 300 प्रेगाबलिन कैप्सूल को जब्त कर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 223(बी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रकरण की जांच सहायक उपनिरीक्षक विजेन्द्र कुमार को सौंपी गई है। पुलिस अब कैप्सूल कहां से खरीदे गए और कथित सप्लायर की भूमिका क्या है, इसकी भी जांच कर रही है। कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में सहायक उप निरीक्षक हरीराम, कांस्टेबल युधिष्टर और मनीष कुमार शामिल रहे।
