हनुमानगढ़। सोशल मीडिया के माध्यम से स्वास्थ्य एवं सकारात्मक जीवनशैली से जुड़े संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने वाले डिजिटल क्रिएटर्स को बुधवार को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय के अधीनस्थ तथास्तु की ओर से वाग्भट वैलनेस एवं आयुष रिसर्च सेंटर के सौजन्य से 12 जून को आयोजित ‘क्रिएटर्स ऑफ भारत-ए मीटअप फॉर कंटेंट क्रिएटर्स एंड इन्फ्लुएंसर्स’ कार्यक्रम के तहत यह सम्मान प्रदान किया गया। 12 जून को आयोजित कार्यक्रम में हनुमानगढ़ सहित बीकानेर संभाग के विभिन्न जिलों से 100 से अधिक कंटेंट क्रिएटर्स एवं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने हिस्सा लिया था। कार्यक्रम के दौरान वाग्भट वैलनेस एवं आयुष रिसर्च सेंटर की ओर से स्वास्थ्य एवं सकारात्मक जीवनशैली से जुड़े वीडियो और संदेश सोशल मीडिया पर अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान जिन क्रिएटर्स के माध्यम से सर्वाधिक नए फॉलोअर्स जुड़े, उन्हें बुधवार को उनकी उपलब्धि के लिए नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। अभियान में विक्की मारवाड़ी एवं निशु हरयाणवी को प्रथम पुरस्कार के रूप में 31 हजार रुपए, अंकित न्यौल्खी एवं संजय न्यौल्खी को द्वितीय पुरस्कार के रूप में 21 हजार रुपए, राकेश कुमार (रकियो गोरियो कॉमेडी) को तृतीय पुरस्कार के रूप में 11 हजार रुपए का नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। सभी विजेताओं को श्री गुरु गोविंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं वाग्भट वैलनेस एवं आयुष रिसर्च सेंटर के संस्थापक बाबूलाल जुनेजा ने पुरस्कार प्रदान किए। बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि सोशल मीडिया समाज तक सकारात्मक संदेश पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन चुका है। ‘क्रिएटर्स ऑफ भारत’ के माध्यम से प्रयास किया गया कि डिजिटल क्रिएटर्स की प्रतिभा और उनकी बड़ी सोशल मीडिया पहुंच का उपयोग स्वास्थ्य एवं जनजागरूकता के संदेशों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने में किया जाए। उन्होंने कहा कि सर्वाधिक फॉलोअर्स जोड़ने वाले क्रिएटर्स को सम्मानित करने का उद्देश्य उन्हें प्रोत्साहित करने के साथ-साथ अन्य डिजिटल क्रिएटर्स को भी सामाजिक सरोकारों से जुड़े सकारात्मक कंटेंट के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच रखने वाले क्रिएटर्स की जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी है। यदि इस प्रभाव का उपयोग समाजहित में किया जाए तो इसके व्यापक सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं। रिटायर्ड आईजी एवं विश्वविद्यालय के डायरेक्टर गिरीश चावला ने कहा कि 12 जून को आयोजित ‘क्रिएटर्स ऑफ भारत’ कार्यक्रम ने क्षेत्र के डिजिटल क्रिएटर्स को साझा मंच प्रदान किया। इसके बाद क्रिएटर्स ने जिस उत्साह के साथ स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े संदेश सोशल मीडिया पर प्रसारित किए, वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि डिजिटल मीडिया के माध्यम से स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के संदेश कम समय में बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचाए जा सकते हैं। ऐसे आयोजनों से युवाओं की रचनात्मक प्रतिभा को मंच मिलने के साथ उन्हें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा भी मिलती है। इस मौके पर वाग्भट वैलनेस एवं आयुष रिसर्च सेंटर की सीईओ सिमरन जुनेजा, नवज्योति मूकबधिर संस्थान से भीष्म कौशिक, द साइंस एकेडमी रावतसर के डायरेक्टर पंकज पंडित भी मौजूद रहे।
