– दो बार रह चुके हैं पार्षद, बोले-अधूरे विकास कार्य पूरे करवाना और सीवरेज समस्या का समाधान पहली प्राथमिकता
हनुमानगढ़। नगर परिषद हनुमानगढ़ के वार्ड नंबर 10 से पूर्व पार्षद सुरेश महायच इस बार आजाद उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में हैं। उनका चुनाव चिन्ह सिलाई मशीन है। महायच वर्ष 2009 और 2014 में भाजपा प्रत्याशी के रूप में पार्षद चुने जा चुके हैं, जबकि वर्ष 2019 के चुनाव में उन्हें 52 मतों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। सुरेश महायच ने कहा कि दो बार पार्षद रहते हुए उन्होंने वार्ड में कई विकास कार्य करवाए। कुछ कार्य उस समय शेष रह गए थे, जिन्हें अब जनता का आशीर्वाद मिलने पर प्राथमिकता से पूरा करवाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि वार्डवासी उन्हें फिर से जीताकर नगर परिषद में भेजेंगे।
सीवरेज ब्लॉकिंग और बिजली की समस्या प्रमुख
महायच के अनुसार वार्ड की सबसे बड़ी समस्या सीवरेज ब्लॉकिंग की है। इसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त करवाना उनकी प्राथमिकता रहेगी। इसके अलावा कुछ क्षेत्रों में बिजली की पुरानी तारें भी समस्या का कारण बनी हुई हैं। गर्मियों में विद्युत लोड बढ़ने पर बार-बार फाल्ट होने की समस्या रहती है। उन्होंने कहा कि जरूरत के अनुसार नई तारें बिछवाने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
कच्ची बस्ती में सड़क के लिए की थी भूख हड़ताल
सुरेश महायच ने अपने पूर्व कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि वार्ड की कच्ची बस्ती में सड़क निर्माण की मांग को लेकर उन्होंने भूख हड़ताल तक की थी। उस समय वे भाजपा के पार्षद थे और नगर परिषद में भी भाजपा का बोर्ड था, जबकि प्रदेश में भाजपा की सरकार थी। उन्होंने कहा कि वार्ड के विकास के लिए उन्होंने उस समय भी लगातार प्रयास किए।
भाजपा से टिकट की उम्मीद, अंतिम समय में नहीं मिला टिकट
महायच ने बताया कि इस बार उन्होंने भाजपा से टिकट के लिए प्रयास किया था और उन्हें टिकट मिलने का आश्वासन भी मिलता रहा, लेकिन अंतिम समय में पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने परितोष को टिकट दिया, लेकिन टिकट देने से पहले पार्टी की ओर से उनसे कोई बातचीत नहीं की गई। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी उन्हें बुलाकर बात करती तो वे पार्टी के साथ रहते, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उनके अनुसार टिकट को लेकर उन्हें लंबे समय तक असमंजस में रखा गया। टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने भाजपा की ओर से भी नामांकन दाखिल किया था और साथ ही निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में भी नामांकन पत्र भरा। महायच ने कहा कि यदि वार्डवासियों का आशीर्वाद मिला तो पूर्व की तरह वार्ड में विकास कार्य करवाने के साथ अधूरे कार्यों को पूरा करवाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने वार्डवासियों से सिलाई मशीन चुनाव चिन्ह पर मतदान कर समर्थन देने की अपील की।
