– निर्दलीय प्रत्याशी बोले-जीता तो सहारण व ज्ञानसिंह कॉलोनी में मंदिर निर्माण से होगी शुरुआत; विधायक गणेश राज बंसल पर लगाया साथ छोड़ने का आरोप
हनुमानगढ़। नगर परिषद चुनाव में टाउन के वार्ड नंबर 28 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरे सोहनलाल वर्मा का प्रचार अभियान जोर-शोर से जारी है। वर्मा अपने चुनाव चिह्न सिलाई मशीन के पक्ष में मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं और वार्ड की मूलभूत समस्याओं के समाधान का भरोसा दिला रहे हैं। उन्होंने कहा कि वार्ड का क्षेत्रफल बड़ा होने के बावजूद कई इलाकों में आज भी जरूरी सुविधाओं का अभाव है। सोहनलाल वर्मा ने कहा कि सहारण कॉलोनी और ज्ञानसिंह कॉलोनी में कोई मंदिर नहीं है। ऐसे में वार्ड की माता-बहनों को सड़क पार कर मंदिर जाना पड़ता है। सुबह के समय सड़क पर यातायात अधिक रहने के कारण हादसे का खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि यदि जनता ने उन्हें पार्षद चुना तो वार्ड में मंदिर निर्माण करवाना उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी।
उन्होंने जवाहर नगर की जर्जर सड़कों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पिछले करीब तीन वर्षों से सड़कें टूटी हुई हैं, जिससे लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। वहीं दूधवाल कॉलोनी में खारे पानी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। वार्ड का क्षेत्र बड़ा होने के बावजूद पर्याप्त संख्या में स्ट्रीट लाइटें नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सड़क, पेयजल और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर करवाने के लिए प्राथमिकता से प्रयास किए जाएंगे।
विधायक गणेश राज बंसल पर लगाया साथ छोड़ने का आरोप
सोहनलाल वर्मा ने निर्दलीय विधायक गणेश राज बंसल के साथ अपने पुराने जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि वे लंबे समय से विधायक के साथ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि विधायक का कार्यक्रम सबसे पहले उन्होंने ही करवाया था तथा उन्हें तन-मन-धन से सहयोग देने का वादा किया था, जिसे उन्होंने पूरा भी किया। वर्मा के अनुसार जब उन्हें सहयोग की जरूरत पड़ी तो विधायक ने उनका साथ नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि वार्ड 28 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में शमशेर सिंह को टिकट दिया गया, जबकि वे भाजपा से जुड़े कार्यकर्ता रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव से कुछ दिन पहले तक भाजपा की मतदाता सूची तैयार करवाने वाले व्यक्ति को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतारना उनके लिए निराशाजनक रहा।
‘कांग्रेस-भाजपा के मतभेद के कारण थामा था निर्दलीय का हाथ’
वर्मा ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा के बीच स्थानीय राजनीति में चल रहे मतभेदों के कारण उन्होंने निर्दलीय विधायक गणेश राज बंसल का साथ दिया था। उनका मानना था कि निर्दलीय राजनीति के माध्यम से क्षेत्र के लोगों के हितों को बेहतर तरीके से उठाया जा सकेगा। लेकिन उनके अनुसार बाद में उनके साथ भी वही व्यवहार हुआ, जिससे उन्हें स्वयं निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरने का निर्णय लेना पड़ा।
पूर्व उपसभापति अनिल खीचड़ पर भी साधा निशाना
वार्ड 28 से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में पूर्व उपसभापति अनिल खीचड़ के चुनाव लड़ने को लेकर वर्मा ने कहा कि अनिल खीचड़ स्वयं वार्ड 32 के निवासी हैं और वार्ड 32 से उनकी धर्मपत्नी चुनाव लड़ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अनिल खीचड़ दूसरे वार्ड से चुनाव लड़ने के लिए आए हैं, लेकिन पूर्व में वार्डवासियों की समस्याओं के समाधान के लिए अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाई। उन्होंने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में अनिल खीचड़ ने वार्ड 28 का एक बार भी दौरा नहीं किया, जबकि चुनाव नजदीक आते ही उनका वार्ड में लगातार संपर्क बढ़ गया है। उन्होंने वार्डवासियों से अपील की कि वे किसी के दबाव या बहकावे में आए बिना अपने क्षेत्र के मुद्दों और प्रत्याशियों के काम को ध्यान में रखते हुए सोच-समझकर मतदान करें।
