– तुलसी मॉडर्न डेयरी में मिली 10 किलो खराब मिठाई मौके पर नष्ट करवाई
हनुमानगढ़। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुक्रवार को जिले में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं साफ-सफाई व्यवस्थाओं की जांच की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा के निर्देशन में जीएम रिजोर्ट, तुलसी मॉडर्न डेयरी, शक्ति फ्लोर मिल एवं शिव डेयरी का निरीक्षण किया। इस दौरान खाद्य पदार्थों के चार सैम्पल संग्रहित किए गए, जिन्हें जांच के लिए बीकानेर स्थित जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला भिजवाया गया है।सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं आमजन के स्वास्थ्य को लेकर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण एवं सैम्पलिंग की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में शुक्रवार को जीएम रिजोर्ट, तुलसी मॉडर्न डेयरी, शक्ति फ्लोर मिल एवं शिव डेयरी का निरीक्षण किया। टीम द्वारा कुल चार खाद्य पदार्थों के सैम्पल संग्रहित किए गए। उन्होंने बताया कि हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित जीएम रिजोर्ट से दही एवं आटा के सैम्पल लिए। डॉ. नवनीत शर्मा ने जीएम रिजोर्ट की रसोई में जाकर खाद्य सामग्री, खाना बनाने के स्थान, स्टोर, फ्रिज सहित अन्य स्थानों की जांच की। वहीं सतीपुरा स्थित मै. तुलसी मॉडर्न डेयरी से घी का सैम्पल संग्रहित किया गया। निरीक्षण के दौरान संचालक द्वारा बताया गया कि उसने आज ही दुकान खोली है, लेकिन मौके पर करीब 10 किलो पुरानी एवं खराब मिठाई पड़ी मिली। अधिकारियों ने खराब मिठाई को मौके पर ही नष्ट करवाया। इसी प्रकार मै. शक्ति फ्लोर मिल के निरीक्षण के दौरान संस्थान में जाले लगे हुए तथा फर्श टूटा हुआ पाया गया। अधिकारियों ने संचालक को साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने तथा टूटे हुए फर्श को ठीक करवाने के निर्देश दिए। मै. शिव डेयरी के निरीक्षण में पाया गया कि वहां केवल बिक्री के लिए घी रखा हुआ था तथा मौके पर नया घी तैयार नहीं किया जा रहा था। डॉ. शर्मा ने बताया कि संस्थानों में गंदगी गंदगी, जाले, खराब फर्श तथा अनुचित भंडारण के कारण खाद्य पदार्थों में हानिकारक सूक्ष्मजीव एवं अन्य दूषित तत्व पहुंच सकते हैं, जिससे लोगों को फूड पॉइजनिंग, पेट संबंधी संक्रमण एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता, सुरक्षित भंडारण और नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है।
दस्तावेज एवं स्वच्छता व्यवस्था भी जांची
डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान संबंधित संस्थानों में साफ-सफाई व्यवस्था के साथ-साथ कार्यरत कार्मिकों के हेल्थ सर्टिफिकेट, पेस्ट कंट्रोल सर्टिफिकेट सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं पाए गए। उन्होंने बताया कि सभी संबंधित संस्थानों को व्यवस्थाओं में सुधार के लिए नोटिस जारी किए जाएंगे। डॉ. शर्मा ने स्पष्ट किया कि नोटिस के जवाब एवं संस्थानों द्वारा किए गए सुधार की समीक्षा की जाएगी। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने तथा खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किए जाने की स्थिति में विभाग द्वारा संस्थानों के लाइसेंस निरस्त करने सहित नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा मानकों की पालना सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण एवं कार्रवाई का सिलसिला जारी रहेगा।
गोगामेड़ी मेले में आईसक्रीम, रबड़ी कुल्फी एवं बेसन चक्की के सैम्पल लिए, संदिग्ध मौसमी जूस नष्ट करवाया डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि गोगामेड़ी मेले में भी खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार निरीक्षण एवं नमूनीकरण की कार्रवाई की जा रही है। शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा टीम ने मेले में विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों, होटल, ढाबों एवं मौसमी जूस की रेहडिय़ों का निरीक्षण किया। खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा ऐलनाबाद से गोगामेड़ी मेले में बिक्री के लिए लाई गई श्री बालाजी आइसक्रीम से आईस कैंडी एवं रबड़ी कुल्फी के नमूने लिए गए। इसके अतिरिक्त मै. लक्ष्मी स्वीट्स हाउस एंड रेस्टोरेंट से बेसन चक्की का नमूना संग्रहित किया गया। कुल तीन नमूनों को जांच के लिए जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला, बीकानेर भिजवाया गया है।
संदिग्ध मौसमी जूस करवाया नष्ट
निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा मेले में संचालित मौसमी जूस की रेहडिय़ों, ढाबों एवं होटलों की भी जांच की गई। कार्रवाई के दौरान अवधिपार खाद्य सामग्री पाए जाने पर उसका मौके पर ही नष्टीकरण करवाया गया। वहीं, मौसमी जूस में केमिकल के उपयोग की आशंका के चलते विभिन्न रेहडिय़ों पर संग्रहित मौसमी जूस का भी नष्टीकरण करवाया गया। खाद्य सुरक्षा टीम ने खाद्य कारोबारियों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने, स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने तथा सुरक्षित खाद्य सामग्री का ही विक्रय करने के निर्देश दिए।
खाद्य सुरक्षा को लेकर लगातार निगरानी
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं आमजन के पहुंचने को देखते हुए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं स्वच्छता पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। किसी भी प्रकार की मिलावटी, दूषित अथवा अवधिपार खाद्य सामग्री की बिक्री पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुदेश कुमार गर्ग, संजय वर्मा एवं दीपक कुमार तथा होमगार्ड योगेश कुमार उपस्थित रहे। विभाग द्वारा मेले में खाद्य प्रतिष्ठानों एवं खाद्य विक्रेताओं के निरीक्षण और नमूनीकरण की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
