– रावतसर में एससी महिला, हनुमानगढ़ टाउन-जंक्शन में एससी, पल्लू में ओबीसी महिला और राजपुरा में ओबीसी आरक्षण- संगरिया, टिब्बी, नोहर, भादरा, पीलीबंगा में सामान्य वर्ग
हनुमानगढ़। नगर निकाय चुनाव सम्पन्न होने के अगले ही दिन बुधवार से पंचायतीराज आम चुनाव-2026 का बिगुल बज गया। पंचायतीराज आम चुनाव-2026 की तैयारियों के बीच बुधवार को भू-अभिलेखागार में पंचायत समिति प्रधान पदों के आरक्षण का निर्धारण किया गया। आरक्षण की तस्वीर सामने आते ही जिले की ग्रामीण राजनीति में संभावित दावेदारों और राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। प्रधान पदों के आरक्षण के साथ ही अब संबंधित वर्ग के संभावित दावेदारों की तलाश और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव को लेकर सियासी रणनीति बनाने का दौर शुरू होने की संभावना है। आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया के दौरान जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव, अतिरिक्त जिला कलक्टर उम्मेदीलाल मीणा और जिला परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रद्धा गोमे सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। जिले की पंचायत समितियों में प्रधान पदों के आरक्षण के अनुसार हनुमानगढ़ जंक्शन और हनुमानगढ़ टाउन में अनुसूचित जाति के लिए प्रधान पद आरक्षित किया गया है। रावतसर में अनुसूचित जाति महिला, पल्लू में अन्य पिछड़ा वर्ग महिला और राजपुरा में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए प्रधान पद आरक्षित रहेगा। इसी तरह संगरिया और पीलीबंगा में प्रधान पद सामान्य वर्ग के लिए रहेगा, जबकि टिब्बी, भादरा और नोहर में सामान्य वर्ग महिला के लिए आरक्षण निर्धारित किया गया है।
वार्डांे से तय होगी प्रधान की राह
प्रधान पद का चुनाव सीधे जनता की ओर से नहीं किया जाता, बल्कि निर्वाचित पंचायत समिति सदस्य अपने बीच से प्रधान का चुनाव करते हैं। ऐसे में प्रधान पद का आरक्षण सामने आने के बाद अब पंचायत समिति के वार्डांे में प्रत्याशी चयन और चुनावी समीकरण महत्वपूर्ण हो गए हैं। राजनीतिक दलों के लिए संबंधित आरक्षित वर्ग में मजबूत दावेदार तलाशना चुनौती होगा, वहीं संभावित प्रत्याशी भी अपने-अपने वार्डांे में राजनीतिक जमीन मजबूत करने में जुट सकते हैं। सामान्य वर्ग वाले पंचायत समिति क्षेत्रों में संभावित दावेदारों की संख्या अधिक होने की स्थिति में टिकट और सदस्य पद के चुनाव के समीकरण प्रधान पद की तस्वीर को प्रभावित कर सकते हैं। वहीं एससी, एससी महिला, ओबीसी और ओबीसी महिला आरक्षण वाले क्षेत्रों में संबंधित वर्ग के नेताओं और उनके समर्थकों की सक्रियता बढ़ने की संभावना है।
नगरीय चुनाव के बाद अब गांवों की राजनीति पर नजर
जिले में नगरीय निकाय चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब पंचायती राज चुनाव को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। प्रधान पदों के आरक्षण ने पंचायत समितियों में संभावित उम्मीदवारों की दिशा तय कर दी है। अब वार्डवार टिकट वितरण, पंचायत समिति सदस्य के चुनाव और उसके बाद होने वाले प्रधान पद के चुनाव को लेकर सियासी रणनीतियां बनने का दौर शुरू होगा।
