हनुमानगढ़। बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने और डिजिटल प्लेटफॉर्म के सुरक्षित उपयोग का संदेश देने के उद्देश्य से श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय में गुरुवार को साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी विभाग की ओर से साइबर पुलिस थाना के सहयोग से स्पंदन छात्र कल्याण क्लब के अधीनस्थ सृजन क्लब के तत्वावधान में साइबर सुरक्षा सप्ताह के तहत कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक बी आदित्य रहे। इस मौके पर पुलिस उप अधीक्षक साइबर पुलिस करण सिंह, साइबर एक्सपर्ट केन्द्र प्रताप सिंह, साइबर एक्सपर्ट रिंकल गर्ग, एएसआई विजय आनंद सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, संकाय सदस्य और विद्यार्थी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने मानव श्रृंखला और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता सहित विभिन्न जागरूकता गतिविधियों में हिस्सा लिया। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण विद्यार्थियों की ओर से बनाई गई ‘1930’ साइबर हेल्पलाइन नंबर की मानव श्रृंखला रही। विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ इसमें हिस्सा लिया और साइबर अपराध होने की स्थिति में तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करने का संदेश दिया। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के करीब 40 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने पोस्टरों के माध्यम से साइबर अपराध से बचाव, ऑनलाइन सुरक्षा, डिजिटल जागरूकता, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और जिम्मेदार डिजिटल नागरिकता का संदेश दिया।
संदिग्ध लिंक से रहें सावधान : एसपी
पुलिस अधीक्षक बी आदित्य ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल माध्यमों का उपयोग बढ़ने के साथ साइबर अपराधों के तरीके भी बदल रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी की सुरक्षा के प्रति सजग रहना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने तथा ओटीपी और बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध होने पर समय गंवाए बिना संबंधित हेल्पलाइन और पुलिस से संपर्क करना चाहिए। समय पर सूचना मिलने से साइबर ठगी की स्थिति में आवश्यक कार्रवाई की संभावना बढ़ती है।

पुलिस उप अधीक्षक साइबर पुलिस करण सिंह ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों के प्रति सचेत किया। उन्होंने कहा कि पैसा कमाने का कोई शॉर्टकट नहीं होता। यदि कोई व्यक्ति कम समय में आसानी से अधिक पैसा कमाने का लालच देता है तो ऐसे प्रस्तावों से सावधान रहना चाहिए। कई बार इस तरह के आकर्षक प्रस्ताव अवैध गतिविधियों से जुड़े हो सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत और वैध साधनों के माध्यम से आगे बढ़ने तथा ऑनलाइन मिलने वाले किसी भी आकर्षक ऑफर, लिंक या योजना की सत्यता की जांच किए बिना उस पर विश्वास नहीं करने की अपील की।
‘साइबर सुरक्षा प्रत्येक डिजिटल नागरिक की जिम्मेदारी’
श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि साइबर सुरक्षा आज के डिजिटल युग की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। विद्यार्थी तकनीक और डिजिटल माध्यमों का व्यापक उपयोग करते हैं, इसलिए उन्हें साइबर सुरक्षा के नियमों की जानकारी होना जरूरी है। ऑनलाइन गतिविधियों में थोड़ी सी लापरवाही भी आर्थिक और व्यक्तिगत नुकसान का कारण बन सकती है। विश्वविद्यालय के एमडी दिनेश कुमार जुनेजा ने कहा कि तकनीक जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है, लेकिन इसके साथ साइबर अपराधों का खतरा भी बढ़ा है। विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, पासवर्ड, बैंकिंग विवरण या व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर प्रो. डॉ. अमरजीत सिंह, रजिस्ट्रार डॉ. मयंक माथुर, आईक्यूएसी निदेशक डॉ. अवधेश शर्मा तथा डॉ. विक्रम सिंह औलख सहित अन्य अधिकारी एवं संकाय सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम का समन्वय फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ. कुलवंत सिंह ने किया। विक्रम मंगवाना, सुमित कुमार, मनमीत कौर, राजविंद्र सिंह, नितिन मीणा, सूरज सिंह, एनएसएस समन्वयक डॉ. पुनिका भादू एवं मदन लाल शर्मा ने आयोजन में सहयोग किया।
