- बेटियों की सफलता और सकारात्मक लेखन समाज को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण : बाबूलाल जुनेजा
हनुमानगढ़। शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी संस्थान श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय (एसकेडीयू), हनुमानगढ़ के परिसर में शनिवार को लेखिका मंजू गुप्ता ‘मंजुमन’ की पुस्तक ‘सुर्ख इबारतें’ के विमोचन एवं साहित्यिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्यकारों, कवियों, शिक्षाविदों और पत्रकारों ने साहित्य, सकारात्मक लेखन, महिला सशक्तीकरण तथा बालिका शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने की। मुख्य अतिथि के रूप में सीबीईओ पन्नालाल कडेला उपस्थित रहे, जबकि सेवानिवृत्त आईजी गिरीश चावला, वरिष्ठ साहित्यकार नरेश मेहन और वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुम्बर विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। लेखिका मंजू गुप्ता ‘मंजुमन’ डबलीराठान स्थित शहीद चमकौर सिंह विद्यालय में हिंदी व्याख्याता के पद पर कार्यरत हैं। वे लंबे समय से महिला सशक्तीकरण, महिलाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने और बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उनकी पुस्तक ‘सुर्ख इबारतें’ के माध्यम से साहित्य के प्रति उनकी संवेदनशीलता और सामाजिक सरोकारों को सामने लाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने लेखिका के साहित्यिक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि साहित्य समाज को सकारात्मक सोच प्रदान करने और सामाजिक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
बेटियों की सफलता समाज के लिए प्रेरणास्रोत : बाबूलाल जुनेजा
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि आज बेटियां प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं और समाज व देश का गौरव बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि सकारात्मक लेखन के लिए अंतर्मन की शक्ति, संवेदनशीलता और एकाग्रता आवश्यक है। लेखन केवल शब्दों को जोड़ने का कार्य नहीं, बल्कि अपने विचारों के माध्यम से समाज को नई दिशा देने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने युवाओं से मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से बाहर निकलकर पढ़ने और लिखने की आदत विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नियमित अध्ययन से विचारों में गहराई आती है और व्यक्ति अपनी रचनात्मक क्षमता को बेहतर ढंग से अभिव्यक्त कर सकता है।
मंजू गुप्ता ‘मंजुमन’ प्रतिभा की धनी : पन्नालाल कडेला
मुख्य अतिथि सीबीईओ पन्नालाल कडेला ने लेखिका मंजू गुप्ता ‘मंजुमन’ की सराहना करते हुए कहा कि वे अपार प्रतिभा की धनी हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षण कार्य के साथ साहित्य सृजन करना और सामाजिक विषयों को अपनी लेखनी के माध्यम से प्रस्तुत करना सराहनीय प्रयास है। ऐसे आयोजन साहित्यकारों को अपनी रचनात्मकता प्रस्तुत करने का मंच प्रदान करते हैं तथा नई पीढ़ी में साहित्य के प्रति रुचि विकसित करने में सहायक होते हैं।
कवियों ने प्रस्तुत कीं साहित्यिक रचनाएं
साहित्यिक गोष्ठी के दौरान कागद फाउंडेशन एवं मरुधरा साहित्य परिषद से पधारे वरिष्ठ कवियों और साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं का पाठ कर कार्यक्रम को साहित्यिक रंग प्रदान किया। इस अवसर पर सुरेंद्र सत्यम, डॉ. प्रेम भटनेरी, गुरदीप सोहेल और उदयपाल प्रजापत ने काव्य पाठ किया। उनकी रचनाओं में सामाजिक सरोकारों, संवेदनाओं और जीवन के विभिन्न पहलुओं की अभिव्यक्ति देखने को मिली। उपस्थित साहित्यकारों और श्रोताओं ने रचनाओं का आनंद लिया तथा साहित्यिक संवाद में भागीदारी निभाई। कार्यक्रम में डॉ. विक्रम सिंह औलख, सुनील गुप्ता, राजीव अग्रवाल, कमल शर्मा और निशांत वशिष्ठ सहित बड़ी संख्या में कवि, साहित्यकार एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. राजवीर सिंह ने किया। पुस्तक विमोचन एवं साहित्यिक गोष्ठी ने साहित्य प्रेमियों को विचारों के आदान-प्रदान का अवसर प्रदान किया और सकारात्मक लेखन तथा सामाजिक जागरूकता के महत्व को रेखांकित किया।
