– 11 सूत्री मांगों को लेकर अधीक्षण अभियंता कार्यालय में हुआ प्रदर्शन, जिलाध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने झंडे-डंडे के दुरुपयोग का लगाया आरोप
हनुमानगढ़। कर्मचारियों की 11 सूत्री मांगों को लेकर गुरुवार को जोधपुर डिस्कॉम के अधीक्षण अभियंता कार्यालय में जोधपुर विद्युत वितरण निगम श्रमिक संघ के बैनर तले हुए एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन को लेकर विवाद खड़ा हो गया। भारतीय मजदूर संघ ने इस आंदोलन से खुद को अलग बताते हुए आयोजकों पर संगठन के झंडे और डंडे का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। इससे कर्मचारियों की मांगों को लेकर हुए प्रदर्शन के बीच संगठनात्मक विवाद सामने आ गया है। भारतीय मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने कहा कि 15 अक्टूबर को इस तरह का कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं करने संबंधी परिपत्र भारतीय मजदूर संघ, महासंघ और जोधपुर विद्युत वितरण निगम श्रमिक संघ की ओर से जारी किए गए थे। इसके बावजूद धरना-प्रदर्शन किया गया। उन्होंने इसे व्यक्ति विशेष का आंदोलन बताते हुए कहा कि कुछ लोग अधिकारियों को यह दिखाना चाहते हैं कि उनके साथ अब भी कर्मचारी जुड़े हुए हैं। शर्मा ने आरोप लगाया कि आंदोलन की अगुवाई कर रहे लोग ठेकेदारी से जुड़े हैं और ठेकेदारी चलाने व अपना प्रभाव दिखाने के लिए इस तरह की गतिविधियां कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इसमें कर्मचारियों का कोई दोष नहीं है, क्योंकि आह्वान किए जाने पर कर्मचारी कार्यक्रम में पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी जिस संगठन के झंडे के नीचे एकत्रित हुए, उसके प्रति उनकी आस्था हो सकती है, लेकिन संगठन के झंडे-डंडे का इस्तेमाल गलत तरीके से किया जाना उचित नहीं है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि संबंधित लोगों को कई बार भारतीय मजदूर संघ का झंडा-डंडा इस्तेमाल नहीं करने के लिए अवगत करवाया जा चुका है। उनके अनुसार, संगठन ने इन लोगों को बाहर कर दिया है, लेकिन वे कानून और अदालत का हवाला देकर कार्यकर्ताओं को भ्रमित कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि झंडे-डंडे के कथित दुरुपयोग के मामले की जांच उच्च स्तर पर भेजी जाएगी और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस विवाद के बीच कर्मचारियों की 11 सूत्री मांगों को लेकर हुए धरना-प्रदर्शन और उसके नेतृत्व को लेकर संगठन के भीतर मतभेद सामने आए हैं। कुलदीप शर्मा ने कहा कि इस पूरे मामले में कर्मचारियों का नुकसान नहीं है, लेकिन संगठन के नाम और प्रतीकों के इस्तेमाल को लेकर स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।
