– बच्चों को स्कूल भेजने में भी डर रहे अभिभावक, पार्षद बोले-गोवंश को गोशाला, नंदीशाला में भिजवाए प्रशासन
हनुमानगढ़। जंक्शन के वार्ड नंबर नौ में निराश्रित पशुओं की समस्या से वार्डवासी परेशान हैं। बार-बार शिकायत करने के बावजूद नगर परिषद प्रशासन की ओर से समाधान नहीं किए जाने पर लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। नाराज वार्डवासियों और भाजपा के नवनिर्वाचित पार्षद मनप्रीत सिंह सैनी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द निराश्रित पशुओं को गोशाला या नंदीशाला में स्थानांतरित नहीं किया गया तो उन्हें पकड़कर जिला कलक्ट्रेट परिसर और नगर परिषद कार्यालय में छोड़ दिया जाएगा। वार्डवासी आकाश नायक ने बताया कि प्रशासन ने उनके वार्ड को खुली गोशाला बना दिया है। जगह-जगह निराश्रित पशुओं का जमावड़ा रहता है, जिससे छोटे बच्चों और बुजुर्गांे का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। वार्ड में स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र में आने से बच्चे कतराते हैं, वहीं स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को भी परेशानी होती है। अभिभावकों को बच्चों को स्कूल छोड़ने जाते समय सुरक्षा के लिए डंडा साथ लेकर जाना पड़ता है।

उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार लिखित और मौखिक रूप से प्रशासन को अवगत करवाया गया, लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं हुआ। आकाश नायक ने गोशालाओं और नंदीशालाओं को मिलने वाली अनुदान राशि के दुरुपयोग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि अनुदान राशि का सही उपयोग होता तो शहर के वार्डांे में निराश्रित पशु इस तरह सड़कों पर नहीं घूमते। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द सुनवाई नहीं होने पर वार्डवासी वार्ड में घूम रहे सभी निराश्रित पशुओं को एकत्रित कर जिला कलक्ट्रेट परिसर में बांध देंगे।
शिविर में भी उठाया था मुद्दा
वार्ड नंबर नौ से भाजपा के नवनिर्वाचित पार्षद मनप्रीत सिंह सैनी ने बताया कि सात अक्टूबर को वार्ड की समस्याओं के समाधान के लिए आयोजित शिविर में स्वच्छता निरीक्षक को निराश्रित पशुओं की समस्या से अवगत करवाया गया था। इसके बाद भी कई बार मौखिक रूप से शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। गत दिनों निराश्रित पशुओं की आपसी लड़ाई के कारण एक दूध डेयरी पर काफी नुकसान हुआ था। शुक्रवार को भी नगर परिषद प्रशासन को लिखित शिकायत देकर समस्या के समाधान की मांग की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पार्षद ने कहा कि वार्डवासियों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन को जल्द निराश्रित गोवंश को गोशाला या नंदीशाला में स्थानांतरित करवाना चाहिए। ऐसा नहीं होने पर वार्डवासी पशुओं को पकड़कर नगर परिषद कार्यालय में छोड़ देंगे।
