– सीबीएसई रिसोर्स पर्सन अर्पिता पी. मुखर्जी ने विद्यार्थियों को सफलता का मंत्र दिया, शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों का प्रशिक्षण
हनुमानगढ़। एसकेएम पब्लिक स्कूल, ग्रामोत्थान विद्यापीठ में सोमवार को विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और शिक्षकों के शिक्षण कौशल को बेहतर बनाने के उद्देश्य से प्रेरणादायी संगोष्ठी एवं प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। सीबीएसई की पंजीकृत रिसोर्स पर्सन एवं प्रशिक्षित ट्रेनर अर्पिता पी. मुखर्जी ने विद्यार्थियों को सफलता के लिए प्रेरित किया तथा शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और दक्षता-आधारित अधिगम का प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ गुरु वंदना एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। विद्यालय प्राचार्य एस.के. मुरारी एवं वरिष्ठ शिक्षक आस मोहम्मद ने अर्पिता पी. मुखर्जी का स्वागत किया। मुखर्जी ने विद्यार्थियों के साथ सवाल-जवाब कर उन्हें ‘मैं कर सकता हूं’ की भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम एवं थॉमस अल्वा एडिसन के उदाहरण देते हुए उन्होंने समझाया कि असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीखना चाहिए और किसी भी कार्य को बीच में नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने गतिविधियों के माध्यम से मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के महत्व तथा क्रोध पर नियंत्रण रखने के उपाय भी बताए। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। सही योजना, अनुशासन और दृढ़ संकल्प से लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण का प्रशिक्षण
कार्यशाला में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, दक्षता-आधारित अधिगम एवं नवाचारपूर्ण शिक्षण तकनीकों पर विशेष जोर दिया गया। मुखर्जी ने कहा कि प्रभावी शिक्षक में ज्ञान, अभिवृत्ति और कौशल तीनों का होना आवश्यक है। शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करवाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में विषय की वास्तविक समझ, तार्किक चिंतन और सीखे हुए ज्ञान को व्यवहार में लागू करने की क्षमता विकसित करना है। उन्होंने प्रश्नपत्र निर्माण में विद्यार्थियों की समझ और ज्ञान के अनुप्रयोग को परखने पर जोर दिया। शिक्षकों को प्रश्नों के स्तर में सुधार करने, चार्ट एवं गतिविधियों के माध्यम से शिक्षण को रोचक बनाने तथा कक्षा में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। प्रशिक्षण में सभी शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्राचार्य एस.के. मुरारी ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने और शिक्षकों को नवीन शिक्षण पद्धतियों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वरिष्ठ शिक्षक आस मोहम्मद खान ने प्रशिक्षण पर फीडबैक देते हुए मुखर्जी के प्रभावशाली मार्गदर्शन की सराहना की। उल्लेखनीय है कि अर्पिता पी. मुखर्जी को शिक्षा क्षेत्र में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वह 1,000 से अधिक शिक्षकों को प्रशिक्षण दे चुकी हैं तथा 34 सीबीएसई कार्यक्रमों में सहभागिता कर चुकी हैं।
