हनुमानगढ़। अखिल भारतीय किसान सभा का तहसील सम्मेलन सोमवार को पूर्व विधायक बलवान पूनिया की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। सम्मेलन में तहसील क्षेत्र के सभी मण्डलों से पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं सदस्यों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत तहसील अध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा ने ध्वजारोहण कर की। सम्मेलन में तहसील कार्यकारिणी के चुनाव, किसानों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों तथा आगामी आंदोलनों को लेकर चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक बलवान पूनिया ने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में राज्य व केन्द्र सरकार की नीतियां किसान और मजदूर विरोधी हैं।

सरकारें लगातार किसानों के अधिकारों का हनन कर रही हैं और उन पर जुल्म ढाने पर आमादा हैं। लेकिन इतिहास गवाह है कि जब-जब किसान एकजुट हुए हैं, तब-तब उन्होंने अपनी ताकत से सरकारों को झुकाने का काम किया है। बलवान पूनिया ने कहा कि किसानों को अपने हक के लिए संगठित होकर संघर्ष करना होगा। अधिकार कोई थाली में परोसकर नहीं देता, उन्हें छीनना पड़ता है और इसके लिए एक मजबूत, अनुशासित व संघर्षशील संगठन की आवश्यकता होती है। जिले में अखिल भारतीय किसान सभा किसानों और मजदूरों की आवाज बनकर लगातार संघर्ष कर रही है। उन्होंने किसानों व मजदूरों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ 19 जनवरी को जिला कलक्ट्रेट पर प्रस्तावित प्रदर्शन को ऐतिहासिक बनाने का आह्वान किया और कहा कि सभी को एकजुट होकर अपनी ताकत दिखानी होगी।

सम्मेलन के दौरान सर्वसम्मति से तहसील कार्यकारिणी के चुनाव सम्पन्न कराए गए। संगठन में सुरेन्द्र शर्मा को पुन: तहसील अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं मोहन लोहरा को महासचिव, लखवीर सिंह, मोहन बामणिया व राजेन्द्र चाहर को उपाध्यक्ष चुना गया। ओम स्वामी, गौरी शंकर, जय श्रीराम मोहनमगरिया और दिनेश बिश्नोई को सहसचिव तथा लालचंद वर्मा को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया। पुन: अध्यक्ष चुने जाने पर सुरेन्द्र शर्मा ने कहा कि किसान सभा किसानों और मजदूरों के हक की लड़ाई को और तेज करेगी। उन्होंने कहा कि संगठन किसानों की समस्याओं जैसे फसलों के वाजिब दाम, कर्ज माफी, सिंचाई, बिजली और खाद की उपलब्धता को लेकर सड़क से सदन तक संघर्ष करेगा। महासचिव मोहन लोहरा ने कहा कि तहसील स्तर पर संगठन को और मजबूत किया जाएगा तथा हर गांव और ढाणी तक किसान सभा की आवाज पहुंचाई जाएगी। इस मौके पर जगदीश खालिया, कुलविन्द्र ढिल्लों, कालूराम चाहर, हरिराम, हंसराज भाट, प्रकाश जाखड़, श्योपतराम भाम्भू, संजय गोदारा व अन्य सदस्य मौजूद थे।

