चारणवासी, नोहर। ग्रामीण क्षेत्र के विकास और गरीब मजदूरों के हक की रक्षा के लिए ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत बुधवार को एक व्यापक अभियान की शुरुआत की गई। कांग्रेस विधायक अमित चाचाण के नेतृत्व में क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों में चौपाल कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। संबोधित करते हुए विधायक अमित चाचाण ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था की “संजीवनी” है, जिसने लाखों परिवारों को भुखमरी से बचाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में जानबूझकर कटौती की जा रही है और मजदूरों के भुगतान में देरी कर इस ऐतिहासिक कानून को कमजोर करने की साजिश रची जा रही है। चाचाण ने चेतावनी दी कि यदि मजदूरों के अधिकारों से खिलवाड़ बंद नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने मनरेगा के बहुआयामी लाभों पर प्रकाश डाला। पूर्व उपप्रधान रामकुमार स्वामी ने कहा कि इस योजना ने गांवों से शहरों की ओर होने वाले पलायन को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। महिला कांग्रेस अध्यक्ष चंद्रकला नायक ने जोर देकर कहा कि मनरेगा ने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया है। ब्लॉक अध्यक्ष बनवारीलाल सुथार और शिक्षक नेता निहालचंद कड़वासरा ने इसे सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास (जैसे जल संरक्षण और सड़क निर्माण) के लिए अनिवार्य बताया।

इन पंचायतों में हुआ आयोजन
यह चौपाल कार्यक्रम प्रमुख रूप से ग्राम पंचायत रामसरा, जसाना, रतनपुरा और मलवाणी में आयोजित किया गया। इस दौरान सेवा दल अध्यक्ष मुकेश पंडा,ओबीसी कांग्रेस अध्यक्ष कृष्ण बेनीवाल, जसाना प्रशासक लालचंद नायक, रतनपुरा प्रशासक जिंद्रपाल गोदारा, भूतपूर्व सरपंच माडूराम सहारण और कई प्रशासकों सहित दर्जनों गणमान्य लोग उपस्थित रहे। चौपाल के जरिए मनरेगा बजट में की गई कटौती को तुरंत बहाल किया जाए,मजदूरों का बकाया भुगतान समय पर सुनिश्चित हो,काम के दिनों की संख्या और सुविधाओं में विस्तार करने सहित मांगों पर जोर दिया गया।अंत में, सभी उपस्थित ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में मनरेगा की रक्षा करने और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का संकल्प लिया।
