हनुमानगढ़। सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जिले में हुई हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश के बाद एक बार फिर कड़ाके की ठंड ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। शनिवार को चली तेज उत्तरी हवाओं ने आमजन को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया। जिले के कई ग्रामीण इलाकों में पाला जम गया, जिससे सुबह के समय खेतों, सड़कों के किनारे और खुले मैदानों में जमीन पर बर्फ की सफेद परत जमी नजर आई। सर्द हवाओं के चलते तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। लोग गर्म कपड़ों में लकदक नजर आए। छोटे बच्चे ठंड से कांपते हुए स्कूल पहुंचे, वहीं बुजुर्गांे और बीमार लोगों ने घरों में ही रहना मुनासिब समझा। दिन में निकली धूप से कुछ समय के लिए ठंड से राहत जरूर मिली, लेकिन हवा में ठंडक बनी रही। इससे पहले शुक्रवार को पूरे दिन दक्षिण-पश्चिमी हवाएं चलती रहीं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इन हवाओं और मौसम में बदलाव के चलते जिले में सरसों की फसल को नुकसान होने की संभावना है। लगातार बदलते मौसम से किसान भी चिंतित नजर आ रहे हैं। इसी बीच मौसम विभाग ने राजस्थान में एक बार फिर बारिश और आंधी को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केन्द्र, जयपुर के अनुसार पिछले 24 घंटों में उत्तरी हवाओं के प्रभाव से न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तथा अधिकतम तापमान में 3 से 9 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। आगामी 48 घंटों में तापमान में विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है, लेकिन शेखावाटी क्षेत्र और उत्तर-पश्चिमी राजस्थान, जिसमें हनुमानगढ़ जिला भी शामिल है, में कहीं-कहीं शीतलहर चलने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार 26 और 27 जनवरी को एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से 26 जनवरी को दोपहर बाद राज्य के पश्चिमी व उत्तरी भागों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। वहीं 27 जनवरी को तंत्र का प्रभाव सबसे अधिक रहने की संभावना जताई गई है। इस दौरान बीकानेर, जयपुर, भरतपुर, जोधपुर, कोटा और अजमेर संभाग के कुछ इलाकों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली के साथ हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही आने वाले कुछ दिनों में अल सुबह हल्का कोहरा छाने की भी संभावना जताई गई है, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को ठंड से बचाव के लिए सतर्क रहने, गर्म कपड़े पहनने तथा किसानों को मौसम को ध्यान में रखते हुए फसलों की देखभाल करने की सलाह दी है।
