हनुमानगढ़। नशे के विरुद्ध युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से संकल्प फाउंडेशन की ओर से रविवार को सुबह सात बजे जिला कार्यालय, जंक्शन में हनुमानगढ़ साइकिलिंग क्लब के सदस्यों की साइकिल यात्रा का स्वागत किया गया। इस मौके पर समाज में बढ़ते नशे के दुष्प्रभावों को रोकने एवं युवाओं को सही दिशा देने के लिए विचार गोष्ठी का आयोजन भी किया गया। गोष्ठी में वाणिज्यिक कर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर रवि दाधीच, वरिष्ठ पत्रकार मनोज गोयल, पोक्सो न्यायालय के विशिष्ट लोक अभियोजक संपत गुप्ता विशेष रूप से मौजूद रहे। इसके साथ ही कोषाध्यक्ष दीपक कश्यप, वरिष्ठ अधिवक्ता भगवानदास रोहिला, अतिरिक्त निदेशक अभियोजन पुष्पेंद्र सिंह शेखावत, समाजसेवी पवन सरावगी, एडवोकेट नितिन छाबड़ा, पारिवारिक न्यायालय के रीडर तेज नारायण परिहार, मनोज सुथार, आनंद जोशी, राजेंद्र वर्मा, रविंद्र गांधी सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। गोष्ठी को संबोधित करते हुए महासचिव ने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने का सबसे प्रभावी उपाय उन्हें खेल और साइकिलिंग से जोड़ना है। आज के समय में युवाओं में नशे की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है, जो शारीरिक, मानसिक और सामाजिक जीवन को गहराई से प्रभावित कर रही है। समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आकर युवाओं को इस बुराई से बचाने के लिए सक्रिय भूमिका निभानी होगी। रवि दाधीच एवं संपत गुप्ता ने नशे के कारण बढ़ते अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के साथ-साथ उसके परिवार और समाज को भी बर्बाद कर देता है। इससे पारिवारिक विघटन, सामाजिक प्रतिष्ठा में गिरावट और आर्थिक संकट उत्पन्न होते हैं। ऐसे में युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। पुष्पेंद्र सिंह शेखावत एवं पवन सरावगी ने बताया कि हनुमानगढ़ साइकिलिंग क्लब की स्थापना युवाओं को स्वस्थ रखने और नशे से दूर रखने के उद्देश्य से की गई है। क्लब की ओर से प्रत्येक रविवार को कई किलोमीटर की साइकिलिंग कर युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया जाता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष दिनेश दाधीच ने कहा कि आधुनिक जीवन की भागदौड़, पढ़ाई का दबाव और मानसिक तनाव युवाओं को नशे की ओर धकेलते हैं। यह अस्थायी राहत देता है, लेकिन बाद में लत बन जाता है। संकल्प फाउंडेशन समाज के सभी वर्गां के सहयोग से आगे भी नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा, ताकि युवा पीढ़ी को सुरक्षित और सकारात्मक दिशा दी जा सके।
