हनुमानगढ़। विशाखापटनम के मेडटैक जोन में आयोजित तीसरी नेशनल पैरा कबड्डी चैंपियनशिप में राजस्थान टीम ने इतिहास रचते हुए फाइनल मुकाबले में हिमाचल प्रदेश को 43-32 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। पूरे टूर्नामेंट में अपराजेय रहते हुए राजस्थान ने लगातार सात मुकाबले जीतकर पहली बार नेशनल स्तर पर गोल्ड मेडल हासिल किया। इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर की 20 राज्यों की टीमों ने हिस्सा लिया। लीग चरण से लेकर नॉकआउट मुकाबलों तक राजस्थान ने हर मैच में दमदार खेल दिखाते हुए एक भी हार दर्ज नहीं की। लीग मुकाबलों में राजस्थान ने झारखंड को 22-2, तमिलनाडु को 54-13, मध्य प्रदेश को 70-18 और पंजाब को 54-13 से हराकर अपने इरादे स्पष्ट कर दिए थे। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में महाराष्ट्र को 74-69 से मात दी, सेमी फाइनल में हरियाणा को 32-13 से हराया और फाइनल में हिमाचल प्रदेश को 43-32 से पराजित कर खिताब पर कब्जा जमाया। राजस्थान टीम के इंचार्ज अर्जुन अवार्डी जगसीर सिंह ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खिलाड़ियों को बधाई देते हुए बताया कि टीम ने पिछले वर्ष दूसरी नेशनल पैरा कबड्डी चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था और इस बार स्वर्ण पदक जीतकर शानदार वापसी की है। इस नेशनल में राजस्थान के मनीष को बेस्ट रेडर का अवार्ड और चेतराम को बेस्ट कैचर का अवार्ड दिया गया। राजस्थान पैरा कबड्डी संघ अध्यक्ष जितेंद्र गुप्ता और सचिव संदीप कौर ने टीम की इस जीत पर प्रसन्नता जताते हुए खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ को शुभकामनाएं दीं। राही सोशल वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष योगेश कुमावत ने बताया कि खिलाड़ियों की तैयारी में समाजसेवी संस्थाओं और स्थानीय नागरिकों की अहम भूमिका रही। खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन ने राज्य का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है।
