हनुमानगढ़। चूना फाटक पर प्रस्तावित रेलवे अंडर ब्रिज (आरयूबी) को लेकर क्षेत्रवासियों में रोष व्याप्त है। स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया है कि सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से पहले से स्वीकृत सी टाइप आरयूबी की ड्रॉइंग में मनमाने तरीके से बदलाव कर एच टाइप आरयूबी प्रस्तावित करने की कोशिश की जा रही है, जो जनहित एवं सुरक्षा की दृष्टि से उचित नहीं है। मंगलवार को चूना फाटक एवं सेक्टर छह के निवासियों ने इस संबंध में पीडब्ल्यूडी एसई को ज्ञापन सौंपा।

नागरिकों के अनुसार राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में चूना फाटक पर लगभग 35 करोड़ रुपए की लागत से आरयूबी निर्माण का प्रस्ताव भूमि अधिग्रहण सहित स्वीकृत किया था। इससे पूर्व इसी स्थान पर लगभग आठ वर्ष पहले 60 करोड़ रुपए की लागत से आरओबी का प्रस्ताव तैयार किया गया था, जिसे बड़े पैमाने पर मकान और दुकानें प्रभावित होने तथा दुर्घटना की आशंका के चलते निरस्त कर दिया गया था। वर्तमान में पीडब्ल्यूडी की ओर से कंसलटेंट के माध्यम से इस स्थान पर आरयूबी निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करवाने का कार्य किया जा रहा है।

कंसलटेंट की ओर से सर्वे के उपरांत ड्राइंग तैयार कर सी टाइप आरयूबी को फिजिबल मानकर भूमि के नाप आदि का कार्य प्रारंभ कर दिया गया। लेकिन अधिकारियों ने अब अपनी मनमर्जी से ड्राइंग से छेड़छाड़ कर एच टाइप आरयूबी बनवाने की साजिश की जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि एच टाइप आरयूबी बनाया गया तो तिराहे पर चारों दिशाओं से वाहनों की आवाजाही के कारण यह क्षेत्र दुर्घटना जोन बन जाएगा।

वर्तमान में 100 फीट चौड़ी सड़क पर भी जाम की स्थिति बनी रहती है, ऐसे में मात्र साढ़े पांच मीटर चौड़ा आरयूबी समस्या का समाधान नहीं कर पाएगा। इससे अंडरपास में लगातार जाम और हादसों की आशंका बनी रहेगी। लोगों का आरोप है कि एच टाइप आरयूबी की लागत सी टाइप की तुलना में लगभग दोगुनी होगी, जिससे सरकारी खजाने पर अतिरिक्त भार पड़ेगा। इसके साथ ही भूमि अधिग्रहण में लगभग 100 दुकानों और दर्जनों मकानों को तोड़ा जाना प्रस्तावित है, जिससे क्षेत्र के व्यापारी और निवासी बेघर हो जाएंगे तथा वर्षांे से चला आ रहा व्यापार पूरी तरह समाप्त हो सकता है।

आरयूबी स्थानांतरित करने की मांग
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि चूना फाटक से करीब 500 मीटर दूर सतीपुरा साइड स्थित 100 फुटी रोड के सामने पहले से बने आरयूबी पर ही प्रस्तावित परियोजना को डबल बॉक्स बनाकर स्थानांतरित किया जाए। लोगों का कहना है कि इस स्थान पर पर्याप्त भूमि उपलब्ध है और यह मार्ग सीधे नेशनल हाइवे-54 से जुड़ता है, जिससे यातायात अधिक सुगम होगा और आमजन को आर्थिक नुकसान भी नहीं उठाना पड़ेगा।

स्थानीय निवासियों ने चूना फाटक को स्थाई रूप से बंद करने की भी मांग की है। उनका कहना है कि यदि जनभावनाओं की अनदेखी की गई तो क्षेत्र के लोग आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस मौके पर जितेन्द्र सारस्वत, रघुवीर वर्मा, राहुल सारस्वत, प्रहलाद शर्मा, पारस शर्मा, लखपत बिश्नोई, रामजीलाल सहू, हरविन्द्र सिंह, मनोज जैन, बलदेव सेतिया, इकबाल सिंह, राकेश त्यागी, कुलदीप शर्मा, विकास भनौत, कीर्ति सेठी, राकेश मल्होत्रा, बलदेव शर्मा, बलवीर माली, विक्की जगदीप, सुरेश धमीजा, वेद मक्कासर, सुरेश, बीएस पेन्टर, दिनेश मजोका, जगदीश सारस्वत, विनोद कुमार, सन्नी सोनी, मांगीलाल, शिव कुमार, रमेश कुमार, प्रदीप बिश्नोई, जेपी शर्मा, विजय कस्वां, महावीर स्वामी, चन्द्रप्रकाश जैन, पालाराम, लालचंद, रामचंद, मलकीत सिंह, राजेन्द्र कुमार, अमर जीत सिंह मौजूद थे।
