हनुमानगढ़। टाउन के वार्ड 26 में नगर परिषद की ओर से जल संकट से निपटने के उद्देश्य से करीब चार माह पहले लगभग एक लाख रुपए की लागत से लगाया गया सबमर्सिबल पंप अब तक शुरू नहीं हो पाया है। वजह है सबमर्सिबल को अब तक विद्युत कनेक्शन उपलब्ध नहीं कराया जाना। यह सबमर्सिबल वार्ड 26 की नई आबादी में दो नम्बर गली से लेकर ओवरब्रिज तक पानी की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए लगाया गया था। उद्देश्य यह था कि मुख्य जल आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में इस सबमर्सिबल के जरिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा सके, लेकिन चार माह बीत जाने के बाद भी यह योजना धरातल पर उतरती नजर नहीं आ रही।

स्थानीय निवासी अनमोल व सीमा मिड्ढा ने बताया कि सबमर्सिबल लगने के बाद से अब तक कभी विद्युत कनेक्शन, तो कभी अन्य तकनीकी कारणों का हवाला देकर इसे शुरू नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले मुख्य जलापूर्ति की बड़ी पाइप बदली गई थी, उस दौरान चार दिन तक पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप रही थी। उसी अनुभव को देखते हुए यह सबमर्सिबल लगवाया गया था, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से निपटा जा सके, लेकिन वर्तमान में यह किसी काम का साबित नहीं हो रहा।

खुदाई की मिट्टी भी बनी मुसीबत
वार्डवासियों के अनुसार सबमर्सिबल खुदाई के दौरान निकाली गई मिट्टी अब तक मौके से नहीं हटाई गई है। आंधी-तूफान के समय यह मिट्टी उड़कर आसपास के घरों में घुस जाती है, जिससे लोगों को स्वास्थ्य और साफ-सफाई से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा लोग मिट्टी रखी जगह के आसपास कचरा डाल देते हैं। इससे यहां काफी कूड़ा-कचरा एकत्रित हो गया है। वार्डवासियों का कहना है कि इस संबंध में कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वार्डवासियों ने बताया कि उन्होंने कई बार निवर्तमान वार्ड पार्षद को इस समस्या से अवगत कराया, बावजूद इसके न तो सबमर्सिबल चालू हुआ और न ही मिट्टी उठाई गई। इससे लोगों में नगर परिषद की कार्यप्रणाली को लेकर रोष बढ़ता जा रहा है।
जल्द चालू कराने का आश्वासन
इस संबंध में निवर्तमान वार्ड पार्षद मनोज सैनी ने कहा कि सबमर्सिबल का विद्युत कनेक्शन जल्द करवाया जाएगा और इसके बाद पानी की सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। साथ ही, मौके पर पड़ी मिट्टी भी हटवाई जाएगी। वार्डवासियों ने नगर परिषद प्रशासन से मांग की है कि तत्काल विद्युत कनेक्शन कर सबमर्सिबल चालू किया जाए, ताकि जल संकट से राहत मिल सके और जनता को योजना का वास्तविक लाभ मिल पाए।
