चारणवासी। 15 फरवरी को प्रस्तावित उपखंड कार्यालय के घेराव को ऐतिहासिक बनाने के लिए क्षेत्र के गांवों में सघन जनसंपर्क किया जा रहा है। गुरुवार को किसान नेताओं ने ढाणी राईयान, गुड़िया और 22 एनटीआर,पदमपुरा सहित ढाणियों में नुक्कड़ सभाएं हुई। सभा को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा के जिलाध्यक्ष मंगेज चौधरी ने कहा कि यदि प्रशासन ने समय रहते उनकी जायज मांगों पर गौर नहीं किया, तो यह घेराव केवल प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे ‘महापड़ाव’ में बदल दिया जाएगा। नोहर फीडर के पुनर्निर्माण -332 क्यूसेक पानी, हाल ही में पड़ी भीषण ठंड और पाले के कारण बर्बाद हुई फसलों का विशेष गिरदावरी कर उचित मुआवजा दिया जाए, बकाया फसल बीमा क्लेम का जल्द भुगतान और नहरों के रेगुलेशन में सुधार सहित 21 सूत्री मांगों का मांगे पत्र हैं। पंचायत समिति सदस्य राजेश ने कहा कि किसान पिछले 10 दिनों से लगातार गांव-गांव जाकर समर्थन जुटा रहे हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र का किसान अब आश्वासनों से थक चुका है। इस बार 15,000 से अधिक किसानों के जुटने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों का कहना है कि प्रशासन का रवैया अब तक ढुलमुल रहा है, और यदि संवाद के जरिए समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन बेहद उग्र रूप ले सकता है। पंचायत समिति सदस्य सरजीत बेनीवाल,माकपा के भालाराम स्वामी,सुभाष साहू,प्रताप गोस्वामी,संदीप,आदि उपस्थित थे। ग्राम कमेटियों का गठन करते हुए ढाणी राईयान अध्यक्ष प्रकाश बादल,महासचिव जगजीतसिंह,22 एनटीआर अध्यक्ष सुरेश कुमार, महासचिव सुभाष सुथार,गुडिया के अध्यक्ष हरफूल महरिया, महासचिव महेंद्र मान,राजपुरिया के अध्यक्ष संदीप, महासचिव विजेंद्र सहारन, पदमपुरा के अध्यक्ष सुनील पूनियां, महासचिव सुनील सहू को बनाया गया,सभी सदस्यों को घेराव को लेकर अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई।
