हनुमानगढ़। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुक्रवार से जिले में राष्ट्रीय कुष्ठ रोग उन्मूलन कार्यक्रम की शुरुआत की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने स्टाफ के साथ कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं दो मिनट का मौन रखकर की। एएनएम ट्रेनिंग सेंटर की छात्राओं ने रघुपति राघव राजा राम गीत प्रस्तुत किया। जागरुकता रैली एवं प्रचार-प्रसार के लिए कुष्ठ प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। जागरुकता रथ जिले में आमजन को जागरुक करेगा। इस मौके पर एसीएमएचओ डॉ. अखिलेश शर्मा, आरसीएचओ डॉ. सुनील विद्यार्थी, एएनएम प्रशिक्षण केन्द्र की नर्सिंग अधीक्षक राज औलख, सीएमएचओ स्टॉफ, एएनएम ट्रेनिंग सेंटर का स्टॉफ मौजूद था।

30 जनवरी से 13 फरवरी तक चलने वाले कुष्ठ जागरुकता पखवाड़े के तहत विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। पखवाड़े के दौरान ग्राम स्तर तक सभाएं आयोजित कर कुष्ठ रोग से संबंधित जानकारी दी जाएगी। समस्त चिकित्सा संस्थानों में भी स्टॉफ ने कुष्ठ रोग जागरूकता की शपथ ली। सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि आमजन कुष्ठ रोग के बारे में पूरी जागरुकता बरते। कुष्ठ रोग की जांच आवश्यक रूप से करवाएं एवं कुष्ठ रोगियों की हर प्रकार से सहायता करें। कुष्ठ रोग एक मामूली बीमारी है, जो एक जीवाणु (लेप्रा बेसिली) से होता है, यह कोई छुआछूत या आनुवंशिक रोग नहीं है। इसकी जांच एवं इलाज सभी सरकारी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केन्द्रों पर मुफ्त में उपलब्ध है। कुष्ठ रोग की शुरूआत में पहचान एवं जांच करवाते हुए पूर्ण इलाज लिया जाए, तो कुष्ठ रोग पूरी तरह से ठीक हो जाता है एवं शारीरिक विकलांगता से बचा जा सकता है। इसका इलाज कुछ मामलों में छह माह एवं कुछ मामलों में 12 माह का हो सकता है।

कैसे करें कुष्ठ रोग की पहचान
एसीएमएचओ डॉ. अखिलेश शर्मा ने बताया कि चमड़ी पर चमड़ी के रंग से फीका, एक या एक से अधिक दाग या धब्बे, जिसमें सुन्नपन, सूखापन, पसीना न आता हो, खुजली या जलन, चुभन न होती हो, तो कुष्ठ रोग हो सकता है। शरीर पर, चेहरे पर, भौंहो के ऊपर, कानों के ऊपर सूजन-गठान, दाने या तेलीय चमक दिखाई पड़े, तो कुष्ठ रोग हो सकता है। हाथ पैर में सुन्नता, सूखापन एवं कमजोरी होने पर भी कुष्ठ की जांच करवाएं। उन्होंने जिलेवासियों से आह्वान किया कि अगर स्वयं को या पड़ोस के किसी व्यक्ति को इस तरह के दाग धब्बे हों तो आशा/आंगनबाड़ी/स्वास्थ्य कार्यकर्ता/डॉक्टर से सम्पर्क कर उसकी जांच करवाएं। यदि कोई व्यक्ति कुष्ठ रोग से पीड़ित है, तो उसके साथ किसी भी तरह का भेदभाव न करें एवं जहां तक हो सके उसकी हर प्रकार से सहायता करें।
