हनुमानगढ़। चार साहिबजादे एवं माता गुजरी के गौरवशाली इतिहास को राजस्थान शिक्षा पाठ्यक्रम में शामिल करवाने पर माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा व वीर बाल दिवस 25 दिसंबर चार साहिबजादों की याद में घोषणा होने पर सिख समुदाय द्वारा शनिवार को गांव मक्कासर में एक भव्य अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पूर्व सरपंच जगजीत सिंह जग्गी के नेतृत्व में सिख समाज के लोगो ने पूर्व मंत्री सुरेंद्र पाल सिंह टीटी सहित अन्य प्रतिनिधियों का सिख समाज की ओर से सरोपा व श्री साहिब देकर सम्मान किया गया। समारोह में एससी मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष निहालचंद मेघवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू, भाजपा नेता अमित सहू, बाबूलाल जुनेजा एवं देवेंद्र अग्रवाल का सरोपा पहनकर अभिनन्दन किया।


पूर्व मंत्री सुरेंद्र पाल सिंह टीटी के गांव मक्कासर पहुंचते ही पूरे गांव का माहौल उत्साह और श्रद्धा से भर गया। भव्य आतिशबाजी के साथ “वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह” के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। सिख समाज के लोगों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व सरपंच जगजीत सिंह जग्गी ने कहा कि अब तक देश के भविष्य कहे जाने वाले बच्चों को अकबर और मुगलों का इतिहास तो पढ़ाया जाता रहा, लेकिन धर्म और मानवता की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले चार साहिबजादों और माता गुजरी का इतिहास पाठ्यक्रम में शामिल नहीं था।


उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री सुरेंद्र पाल सिंह टीटी के निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने यह ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब कक्षा पांचवीं से ही लाखों बच्चों को चार साहिबजादों और माता गुजरी के बलिदान से परिचित होने का अवसर मिलेगा। इस निर्णय से सिख समाज मे उत्साह का माहौल है। पूर्व मंत्री सुरेंद्र पाल सिंह टीटी ने अपने संबोधन में कहा कि चार साहिबजादों और माता गुजरी का बलिदान केवल सिख समाज ही नहीं, बल्कि पूरे देश की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि बहुत छोटी उम्र में साहिबजादों ने जिस साहस, त्याग और धर्मनिष्ठा का परिचय दिया, वह आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। टीटी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार जताते हुए कहा कि यह निर्णय बच्चों के चरित्र निर्माण और नैतिक मूल्यों को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि इतिहास का उद्देश्य केवल घटनाएं बताना नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा देना भी है, और यह फैसला उसी दिशा में एक मजबूत कदम है।


करे करावे आपे आप, मानस के नही कुछ हाथ। उन्होंने कहा कि यह सब वाहेगुरु करवाने वाले है, माननीय मुख्यमंत्री व मेरा तो केवल नाम हो रहा है। एससी मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष निहालचंद मेघवाल ने कहा कि चार साहिबजादों का बलिदान सामाजिक समरसता और धर्म की रक्षा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से बच्चों तक इस इतिहास को पहुंचाना अत्यंत आवश्यक था, ताकि वे सच्चे अर्थों में देश और समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बन सकें। उन्होंने इस पहल को सभी समाजों को जोड़ने वाला कदम बताया। भाजपा नेता अमित सहू ने अपने संबोधन में कहा कि राजस्थान सरकार का यह निर्णय ऐतिहासिक और सराहनीय है। उन्होंने कहा कि साहिबजादों का इतिहास बच्चों में साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित करेगा।

उन्होंने पूर्व मंत्री सुरेंद्र पाल सिंह टीटी के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके सतत प्रयासों से ही यह सपना साकार हो पाया है। समारोह के अंत में सिख समाज की ओर से सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में सोहन सिंह भटेवाला,सूखा सिंह, पाला सिंह, बलवीर सिंह, लक्खा सिंह, शिंदा सिंह, हिमांशु महर्षि, जसप्रीत सिंह जेपी, बाबा बलदेव सिंह, संदीप गोदारा, विनोद भोभिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, सिख समाज के गणमान्य नागरिक एवं भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक बताया।
