हनुमानगढ़। 6 फरवरी को कोहला टोल नाके पर जाम लगाने के मामले में पुलिस ने संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े किसान नेताओं और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह जाम अटल भूजल योजना के तहत डिग्गियों की लंबित सब्सिडी के भुगतान की मांग को लेकर किया गया था। हनुमानगढ़ टाउन थाना में एसआई रामकेर की रिपोर्ट पर यह कार्रवाई की गई है।

पुलिस के अनुसार संयुक्त किसान मोर्चा ने 6 फरवरी को जिले में सब्सिडी भुगतान में देरी के विरोध में कोहला टोल नाके पर जाम का आह्वान किया था। इस दौरान किसान नेता रेशम सिंह मानुका, रायसाहब चाहर, कामरेड सुरेंद्र शर्मा, सुभाष गोदारा मक्कासर, संदीप कंग और जगजीत सिंह उर्फ जग्गी सहित लगभग 50-60 लोग सड़क के बीच बैठ गए थो। इससे हनुमानगढ़-रावतसर मेगा हाईवे पर यातायात बाधित हो गया था, जिससे आमजन को परेशानी हुई थी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया था। उन्होंने सड़क के एक तरफ शांतिपूर्ण धरना देने को कहा, लेकिन प्रदर्शनकारी जाम हटाने को तैयार नहीं हुए थे। करीब 10 मिनट तक यातायात बाधित रहा था, हालांकि पुलिस ने ट्रैफिक को डायवर्ट कर आवागमन जारी रखा था। बाद में एसडीएम हनुमानगढ़, मांगीलाल (आईएएस) के मौके पर पहुंचने और समझाइश के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ था।

पुलिस का कहना है कि बिना अनुमति सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध कर यातायात रोकने से कानून व्यवस्था प्रभावित हुई। इस संबंध में बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच कार्यवाहक थानाधिकारी मोहर सिंह को सौंपी गई है। उल्लेखनीय है कि किसान लंबे समय से अटल भूजल योजना के अंतर्गत डिग्गी निर्माण की लंबित सब्सिडी शीघ्र जारी करने की मांग कर रहे हैं। इसी मांग को लेकर जिले में पहले भी कई बार प्रदर्शन और ज्ञापन दिए गए हैं। खास बात यह है कि एसडीएम ने किसानों से वार्ता कर 24 फरवरी तक सब्सिडी जारी होने का आश्वासन दिया था। अब इस प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
