हनुमानगढ़। जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय में व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया बंद करने के फैसले के विरोध में हनुमानगढ़ के ट्रक-बस ऑपरेटरों व ऑटो यूनियन के सदस्यों ने सोमवार को डीटीओ कार्यालय में प्रदर्शन किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पूर्व की तरह जिला मुख्यालय पर फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने की व्यवस्था नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। विरोध-प्रदर्शन के दौरान परिवहन एवं सड़क सुरक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा के नाम जिला परिवहन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

हनुमानगढ़ जिला ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन के अध्यक्ष जुगल किशोर राठी और लीलाधर शर्मा ने बताया कि विभागीय आदेश के कारण अब जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय में व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस प्रक्रिया बंद कर दी गई है। इसके चलते ट्रक और बस मालिकों को वाहन फिटनेस के लिए एटीएस केन्द्र तक जाने पर 20 हजार से 30 हजार रुपए तक का अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। साथ ही, रास्ते में पड़ने वाले टोल पर ऑनलाइन चालान होने से वाहन चालकों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि जिला मुख्यालय पर पूर्ववत फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने की व्यवस्था बहाल की जाए। माल वाहक वाहनों का वार्षिक कर निर्धारण 31 मार्च से पहले न कराया जाए, बल्कि निर्धारित कार्यकाल में ही कर जमा कराया जाए।

ओवरलोड ट्रक और अनाधिकृत ट्रैक्टर-ट्रॉली पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए। ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन और यातायात जनसेवा सलाहकार समिति के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि इन मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो 11 फरवरी को वे अपने सभी ट्रक और टैक्सी जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय के समक्ष खड़ी कर बेमियादी धरना शुरू करेंगे। इस दौरान कार्यालय में निर्धारित वार्षिक टैक्स जमा करने से संबंधित कोई भी कार्रवाई नहीं की जाएगी और न ही कोई टैक्स जमा कराया जाएगा।


उधर, डीटीओ नरेश पूनिया के अनुसार पूर्व में कार्यालय में फिटनेस के लिए सेंटर हुआ करता था। सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार पर उन सेंटरों को एटीएस में तब्दील करना था। इसके लिए एक साल का समय दिया गया था। लेकिन इस दरम्यान जो सेंटर अपडेट नहीं हुए उन्हें बंद कर दिया गया। अब एटीएस के जरिए ही व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस होगी।

जब तक एटीएस नहीं खुलता है तब तक तात्कालीक रूप से परिवहन विभाग के कार्यालय में भौतिक रूप से किसी भी वाहन की फिटनेस करवाई जा सकती थी। लेकिन अब विभाग का आदेश प्राप्त हुआ है कि ऑफिस में भौतिक रूप से फिटनेस पर रोक लगाई जाए क्योंकि इस संबंध में हाईकोर्ट के ऑर्डर हैं। इस मांग से उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया जा रहा है।
