हनुमानगढ़। ईंट भट्ठा मजदूर पिता-पुत्र को कई दिन तक अलग-अलग स्थानों पर बंधक बनाकर उन्हें यातनाएं देने का मामला सामने आया है। मारपीट में घायल दोनों मजदूरों को हालत नाजुक होने पर हायर सेंटर रेफर कर दिया। घटना श्रीगंगानगर जिले के अनूपगढ़ क्षेत्र की बताई जा रही है। आरोप है कि मारपीट करने वाले लोग पिता-पुत्र को पीलीबंगा छोड़ गए। इसके बाद पिता-पुत्र ट्रेन के जरिए संगरिया पहुंचे और अस्पताल में इलाज करवाने के लिए भर्ती हुए।



उधर, सूचना मिलने पर ग्राम पंचायत मक्कासर प्रशासक बलदेव सिंह, रोहिताश शाक्य सहित अन्य जनप्रतिनिधि संगरिया अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी ली। अर्जुन सरोज (34) पुत्र भगवती प्रसाद निवासी गांव मालाधर छत्ता तहसील कुंडा प्रतापगढ़, उत्तरप्रदेश हाल गौरव गोदारा ईंट उद्योग चक 6 पी अनूपगढ़ के अनुसार वह भट्ठे पर जलाई मिस्त्री हूै। वे 1 जनवरी 2026 से कुल 13 व्यक्ति जलाई के कार्य के लिए कार्यरत हैं। भट्ठा मालिक गौरव गोदारा उन्हें समय पर खर्चा नहीं देता और न ही समय पर हिसाब करता है और उन्हें डरा-धमका कर उनसे कार्य करवाता है। अर्जुन सरोज के अनुसार वह पिछले कुछ दिनों से डबवाली गया हुआ था। उसके पिता भगवती प्रसाद, गौरव गोदारा भट्ठे पर थे।

12 फरवरी को रात्रि के 9 बजे उसके पिता की अचानक तबीयत खराब हो गई तो उसने अपने बड़े भाई जमुना शंकर सरोज निवासी पल्लू को फोन कर पिता को लाने के लिए भेजा। उसका भाई रात्रि के करीब 11 बजे किराए की गाड़ी लेकर पहुंचा तो ईंट भट्ठा मालिक गौरव गोदारा, उसके मुनीम नरेश व अन्य अज्ञात लोगों ने गाड़ी पर ईंट-पत्थर बरसाने शुरू कर दिए और गाड़ी के साथ तोड़फोड़ की।


शोर-शराबा सुनकर जलाई की लेबर वहां से भाग गई और उनमें से रोहित गुप्ता पास में सरसों के खेत में छुप गया और पूरी घटना को देखता रहा। यह लोग उसके पिता व भाई के साथ मारपीट करने लगे और उनसे मोबाइल फोन छीन लिया।

जब उसने अपने भाई को फोन किया तो मुनीम नरेश ने फोन उठाया और कहा कि तेरे पिता और भाई का अपहरण कर किसी दूसरी जगह छिपा दिया है। जब तक तू और तेरी लेबर भट्ठे पर नहीं आएगी तब तक हम उन्हें नहीं छोड़ेंगे। अगर तुम नहीं पहुंचे तो तेरे भाई व पिता को जान से मार देंगे।
शराब के नशे में बुरी तरह पीटा
अर्जुन सरोज ने आरोप लगाया कि भट्ठा मालिक व अन्य ने उसके पिता व भाई को तीन अलग-अलग जगहों पर आंखों पर पट्टी बांधकर बंधक बनाकर रखा और शराब का सेवन कर बुरी तरह से मारपीट की। मारपीट के कारण उसके भाई का पैर व हाथ टूट गया। पीठ व कमर पर भी चोट लगी। उसके पिता का हाथ जला दिया। पैर व पीठ पर भी चोट मारी और पसली टूट गई।

उसके भाई जमुना शंकर ने ईंट भट्ठा मालिक व अन्यों के सामने छोड़ने की गुहार लगाई और केस आदि नहीं करवाने की बात कही। इसके बाद इन लोगों ने उसे व उसके पिता को पीलीबंगा लाकर छोड़ दिया और लखनऊ तक जाने की ट्रेन की टिकट कटवा दी। ईंट भट्ठा मालिक ने धमकी दी कि रास्ते में कहीं उतरने का प्रयास किया तो उसके गुर्गे गाड़ी से नीचे फेंक देंगे। इसके बाद उसके पिता व भाई संगरिया उतरे और अस्पताल में पहुंचे। वहां से उन्हें हनुमानगढ़ रेफर कर दिया। अर्जुन सरोज के अनुसार उसने अपने पिता व भाई को बंधक बनाने के संबंध में अनूपगढ़ पुलिस थाना में लिखित शिकायत कर मुकदमा दर्ज करने की मांग की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने पुलिस प्रशासन से न्याय दिलाने की गुहार लगाई। उधर, जिला श्रीगंगानगर एसपी का कहना है कि मुझे इस मामले की कोई जानकारी नहीं है
