हनुमानगढ़। बार संघ हनुमानगढ़ के अधिवक्ताओं ने मुकदमा संख्या 223/2025, पुलिस थाना हनुमानगढ़ सदर में दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की मांग को लेकर जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने ज्ञापन में कहा कि उनके साथी अधिवक्ता के विरुद्ध दर्ज एफआईआर तथ्यहीन, निराधार एवं राजनीतिक दबाव के चलते दर्ज करवाई गई है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि संबंधित प्रकरण में दर्ज एफआईआर घटना के तीन-चार दिन बाद दर्ज की गई, जो अपने आप में संदेह उत्पन्न करती है। साथ ही यह भी बताया गया कि एफआईआर में नामजद अधिवक्ता एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा किसी प्रकार की कोई घटना कारित नहीं की गई है। बार संघ का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम में उनके साथी अधिवक्ता का किसी भी प्रकार का कोई संबंध नहीं है, फिर भी उन्हें अनावश्यक रूप से मामले में फंसाया गया है। अधिवक्ताओं ने यह भी अवगत कराया कि उक्त मामले में दस-बारह दिन बाद बयान लिए गए, जिससे जांच की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न खड़े होते हैं। ज्ञापन में बताया गया कि प्रकरण की जांच दो अलग-अलग जांच अधिकारियों द्वारा की जा चुकी है, इसके बावजूद अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। बार संघ ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव के कारण ही यह कार्रवाई की गई है, जिससे एक निर्दोष अधिवक्ता की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। बार संघ के सदस्यों ने कहा कि अधिवक्ता समाज न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण अंग है और किसी भी अधिवक्ता को बिना ठोस आधार के झूठे मामले में फंसाना न केवल उसकी व्यक्तिगत छवि को प्रभावित करता है, बल्कि न्याय प्रणाली की गरिमा पर भी आघात करता है। उन्होंने जिला पुलिस अधीक्षक से मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कराई जाए तथा यदि आरोप निराधार पाए जाएं तो मुकदमे को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। इस मौके पर पूर्व बार संघ अध्यक्ष एडवोकेट जितेन्द्र सारस्वत, संजयपाल गोदारा,लालचंद देवर्थ, रामकुमार सहारण, राजेंद्र कुमार पारिक, नरेन्द्र कुमार देवनानी, गुरप्रीत पाल सिंह, रमेश कुमार स्वामी,रघुवीर सिंह वर्मा, दलीप बसेर, राहुल बिस्सा, परविनदर, अमन कुमार, शिवराज सिंह खोसा, विनोद कुमार वर्मा, पवन कुमार, सुशील कुमार,राहुल कुमार,संदीप टक्कर, अनिल शर्मा, जयपाल गोदारा, रामस्वरूप नांदेवाल,दलीप सारस्वत,सोम प्रकाश शर्मा, अजय कुमार बिश्नोई,रामकुमार गोदारा, मनजीत सिंह,राजकुमार, रामकुमार बिश्नोई सहित सैंकड़ो एडवोकेटस मौजूद थे।
