हनुमानगढ़। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षां से स्थाई रूप से निवास कर रहे लोगों को पट्टे जारी नहीं किए जाने से उत्पन्न समस्याओं को लेकर आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि पीढ़ियों से बसे परिवारों को उनके निवास स्थलों के विधिवत पट्टे जारी करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। आप जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र बेनीवाल ने बताया कि पूर्व में गांवों की बसावट के समय राज्य सरकार की ओर से किसी प्रकार का मास्टर प्लान लागू नहीं किया गया था। लोगों ने उपलब्ध खाली भूमि पर अपने मकान बना लिए। बाद में जानकारी मिली कि जिन स्थानों पर मकान बने हैं, वे गौचर भूमि, आरक्षित सरकारी भूमि, जोहड़ पायतान, गैर मुमकिन अथवा वन क्षेत्र की श्रेणी में दर्ज हैं। इस कारण वर्षांे से निवास कर रहे परिवारों को अब पट्टा बनवाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बेनीवाल ने कहा कि इन पतों पर ग्राम पंचायतों की ओर से राशन कार्ड बनाए गए, निर्वाचन विभाग की ओर से वोटर सूची में नाम दर्ज किए गए तथा मूल निवास और जाति प्रमाण पत्र भी जारी किए गए हैं। ऐसे में अब पट्टे जारी नहीं करना उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। उनका तर्क है कि जब बसावट के समय किसी प्रकार की स्पष्ट रोक या योजना नहीं थी, तो आमजन को प्रतिबंधित क्षेत्र की जानकारी कैसे हो सकती थी। बेनीवाल ने कहा कि जिन क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था सुचारू है, वहां जोहड़ों में नियमित नहरी पानी का भराव होने से पायतान भूमि की उपयोगिता कम होती गई और लोगों ने वहां आवास बना लिए। इसी प्रकार गौचर भूमि पर पशुओं को बाहर चराने की परंपरा समाप्त होने तथा गोशालाओं के संचालन के चलते भूमि का उपयोग बदल गया। वर्षांे तक किसी विभाग ने आपत्ति नहीं उठाई, लेकिन अब न्यायालयों के आदेशों का हवाला देकर लोगों को परेशान किया जा रहा है। आप कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों की ओर से प्रशासनिक सांठगांठ से पूर्व में पट्टे जारी करवा लिए गए, जबकि कमजोर वर्ग के लोगों को परेशान किया जा रहा है। कुछ मामलों में रिकॉर्ड के अभाव का बहाना बनाकर जांच प्रभावित करने के आरोप भी लगाए गए हैं। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि सरकार की ओर से गोशालाओं के नाम पर इसी प्रकार की भूमि का आवंटन कर पट्टे जारी किए जा रहे हैं, जबकि वर्षांे से निवास कर रहे परिवारों को हटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसे दोहरा मापदंड बताया गया है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि केन्द्र सरकार की योजना के तहत ड्रोन सर्वे कर डिजिटल पट्टे जारी करने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन इसकी कोई स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित नहीं है। ऐसे में जब तक यह प्रक्रिया पूर्ण नहीं होती, तब तक पीढ़ियों से बसे ग्रामीण परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर राहत प्रदान की जाए। मुख्यमंत्री से निवेदन किया गया है कि आमजन के हितों को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर वर्षांे से बसे परिवारों के पट्टे जारी करवाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस मौके पर राजवीर माली, लीलाधर भाट, गुलशन सोनी, जयपाल स्वामी, सुभाष पारीक, सुभाष बोगिया, अशोक कुमार, मदन रैगर, सूरज चौधरी, राजकुमार गर्ग, गोपाल मेघवाल, सुरेंद्र लावा, रवि लुहार, पवन कुमार, राजेश कुमार मौजूद थे।
