हनुमानगढ़। श्री श्याम मंदिर गुरुसर धाम में इस वर्ष भी फाल्गुन महोत्सव पारंपरिक श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के वातावरण में मनाया जाएगा। इस भव्य धार्मिक आयोजन को लेकर मंदिर परिसर में तैयारियां प्रारंभ हो चुकी हैं। महोत्सव का आयोजन श्री नवयुवक श्रृंगार मंडल, गुरुसर धाम के तत्वावधान में किया जा रहा है, जिसमें क्षेत्रभर से श्याम भक्तों के बड़ी संख्या में पहुंचने की संभावना है। मंदिर पुजारी रामावतार सेवड़ा एवं मंडल प्रधान संजय अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि फाल्गुन महोत्सव के अंतर्गत 28 फरवरी को द्वादशी के पावन अवसर पर प्रातः 7:15 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। भंडारे में श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी की विशेष व्यवस्था रहेगी। इस अवसर पर बाबा श्याम का आकर्षक एवं अलौकिक श्रृंगार किया जाएगा, जिससे मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो उठेगा। साथ ही मंदिर को विशेष विद्युत सजावट, फूलों और रंगीन वस्त्रों से सजाया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि भंडारे के दौरान श्याम भक्तों का विशेष सहयोग रहेगा तथा सेवाभाव के साथ आयोजन को सफल बनाने में सभी श्रद्धालु योगदान देंगे। दूर-दराज से आने वाले भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित किया जा रहा है, ताकि सभी श्रद्धालु सहज रूप से बाबा श्याम के दर्शन कर धर्म लाभ प्राप्त कर सकें। फाल्गुन महोत्सव का दूसरा प्रमुख आयोजन 4 मार्च को होगा, जब मंदिर परिसर में बाबा श्याम के साथ फूलों और गुलाल की होली खेली जाएगी। इस अवसर पर भक्तिमय संगीत, भजन-कीर्तन और जयकारों के बीच होली महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। होली के दिन बाबा श्याम का भव्य दरबार सजाया जाएगा, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेगा। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ राधा-कृष्ण की मनोहारी झांकी भी प्रस्तुत की जाएगी, जो भक्तों को आध्यात्मिक आनंद प्रदान करेगी। रंग-बिरंगे फूलों, सुगंधित गुलाल और भक्तिरस में डूबे वातावरण के बीच श्याम बाबा के प्रति श्रद्धा और आस्था का अनुपम दृश्य देखने को मिलेगा। मंडल पदाधिकारियों ने क्षेत्र के सभी श्याम भक्तों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में गुरुसर धाम पहुंचकर फाल्गुन महोत्सव में सहभागिता करें और बाबा श्याम की कृपा प्राप्त करें। आयोजन को शांतिपूर्ण, अनुशासित एवं भक्ति भाव के साथ संपन्न कराने हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। फाल्गुन महोत्सव के माध्यम से गुरुसर धाम एक बार फिर भक्ति, सेवा और सामाजिक समरसता का संदेश देगा।
