चारणवासी। गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में विज्ञान दिवस एवं वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के राज्यारोहण दिवस के अवसर पर शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। इस संयुक्त आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के साथ-साथ राष्ट्रनायकों के आदर्शों से परिचित कराना रहा। विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में विद्यालय में विविध शैक्षणिक गतिविधियाँ आयोजित की गईं। विद्यार्थियों की वैज्ञानिक प्रतिभा को निखारने हेतु विज्ञान आधारित चार्ट एवं मॉडल प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें छात्र-छात्राओं ने अपनी मौलिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी में दैनिक जीवन से जुड़े वैज्ञानिक सिद्धांतों, पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा संसाधन, स्वास्थ्य एवं तकनीकी नवाचारों पर आधारित मॉडल विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। शिक्षकों ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता और सामान्य ज्ञान को परखने के उद्देश्य से एक ज्ञानवर्धक क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी त्वरित सोच व ज्ञान का परिचय दिया। प्रतियोगिता के समापन पर विभिन्न वर्गों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। विद्यालय प्रशासन ने कहा कि इस प्रकार की प्रतिस्पर्धात्मक गतिविधियाँ विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना को प्रोत्साहित करती हैं। विज्ञान गतिविधियों के साथ-साथ विद्यालय परिसर में महाराणा प्रताप का राज्यारोहण दिवस भी पूरे सम्मान और गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित विशेष सभा में वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के संघर्षपूर्ण जीवन, अदम्य साहस, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति उनके अटूट समर्पण पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने बताया कि किस प्रकार प्रतिकूल परिस्थितियों में भी महाराणा प्रताप ने स्वतंत्रता और आत्मसम्मान के लिए संघर्ष किया, जो आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। विद्यार्थियों से आह्वान किया गया कि वे उनके आदर्शों को अपनाकर जीवन में कर्तव्यनिष्ठा, साहस और देशभक्ति की भावना को आत्मसात करें। कार्यक्रम में विद्यालय स्टाफ, गणमान्य नागरिकों एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता रही। उपस्थित सभी अतिथियों एवं शिक्षकों ने ऐसे आयोजनों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक बताते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया। समग्र रूप से यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन का माध्यम बना, बल्कि उनमें वैज्ञानिक चेतना, नैतिक मूल्यों और राष्ट्रप्रेम की भावना को सुदृढ़ करने में भी सफल रहा।
