हनुमानगढ़। श्री खुशालदास विश्वविद्यालय के विधि संकाय द्वारा शून्य भेदभाव दिवस एवं विश्व नागरिक सुरक्षा दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय के मुख्य खेल मैदान में प्रातः 10:30 बजे से 11:30 बजे तक एक भव्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में समानता, मानवाधिकार संरक्षण, संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता तथा नागरिक सुरक्षा के प्रति जागरूकता को सुदृढ़ करना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यार्थियों द्वारा वंदे मातरम् के सामूहिक गायन से हुई, जिससे पूरा परिसर राष्ट्रभावना से ओत-प्रोत हो गया। इस अवसर पर श्री गुरु गोबिंद सिंह चेरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय केवल शैक्षणिक गतिविधियों का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और नैतिक मूल्यों का संवाहक भी है। उन्होंने कहा कि शून्य भेदभाव दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि जाति, धर्म, लिंग अथवा आर्थिक आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव संवैधानिक मूल्यों के विरुद्ध है। युवाओं से उन्होंने समानता, न्याय और बंधुत्व के सिद्धांतों को अपने आचरण में अपनाने तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन का वाहक बनने का आह्वान किया। विश्व नागरिक सुरक्षा दिवस के संदर्भ में उन्होंने कहा कि नागरिक सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। आपदा या संकट की स्थिति में सजगता, अनुशासन और सामूहिक सहयोग ही समाज को सुरक्षित बनाते हैं। उन्होंने युवाओं से आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूक रहने का आग्रह किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन वरुण यादव ने कहा कि शिक्षा ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन का सबसे प्रभावी साधन है। जब तक समानता और बंधुत्व को व्यवहार में नहीं अपनाया जाएगा, तब तक भेदभाव समाप्त नहीं हो सकता। उन्होंने संकट की घड़ी में सामूहिक सहयोग और सजगता को अत्यंत आवश्यक बताया। विधि संकाय के विभागाध्यक्ष डॉ. विक्रम मेहरा ने शून्य भेदभाव दिवस को संवैधानिक मूल्यों की पुनर्स्मृति का अवसर बताया। उन्होंने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15 एवं 21 का उल्लेख करते हुए समानता, भेदभाव निषेध तथा जीवन के अधिकार पर विस्तार से प्रकाश डाला और विद्यार्थियों को सामाजिक न्याय एवं विधि के शासन के सिद्धांतों को व्यवहार में अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी संकाय सदस्यों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने सामाजिक समरसता, भेदभाव उन्मूलन एवं नागरिक सुरक्षा के प्रति सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम का सफल संचालन एवं समन्वयन डॉ. अन्नू खान द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के संकाय सदस्य, कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही।
