रावतसर। वार्ड नंबर 25 स्थित श्री सुंदरकांड गौ ग्रास सेवा समिति ने सेवा, संवेदना और सामाजिक समरसता का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए एक जरूरतमंद परिवार की बेटी का पूरे सम्मान और आत्मीयता के साथ विवाह संपन्न कराया। समिति ने बेटी को “गौशाला परिवार की बेटी” का दर्जा देकर कन्या विवाह कार्यक्रम आयोजित किया, जो केवल एक सामाजिक आयोजन नहीं बल्कि मानवीय करुणा और सहयोग की जीवंत मिसाल बन गया। इस अवसर पर गौशाला से जुड़े दानदाताओं ने खुले दिल से सहयोग किया। उल्लेखनीय यह रहा कि विवाह का समस्त व्यय गौशाला सदस्यों एवं दानदाताओं के सहयोग से वहन किया गया, जबकि गौशाला के नियमित बजट से एक भी रुपया खर्च नहीं किया गया। यह पहल इस बात का प्रमाण है कि जब समाज एकजुट होकर आगे आता है, तो किसी भी बेटी का सपना अधूरा नहीं रहता। गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी समिति द्वारा एक सेवादार परिवार की बेटी का विवाह संपन्न कराया गया था। गौशाला डायरेक्टर साहिल गर्ग ने बताया कि समिति भविष्य में भी इस प्रकार की सामाजिक पहलों को निरंतर जारी रखेगी, ताकि जरूरतमंद परिवारों को संबल मिल सके और बेटियों को सम्मानपूर्वक विदा किया जा सके। कार्यक्रम में गौशाला कमेटी की 40 सदस्यों की समर्पित टीम सक्रिय रही। दिनभर शहर के गणमान्य नागरिकों और दानदाताओं का आना-जाना लगा रहा। इस अवसर पर श्याम मित्तल, मंगलचंद भूकर, रवि मित्तल, राजकुमार अग्रवाल, रोहित सोनी, मोहित सोनी, साहिल गर्ग, आशु गुप्ता, नरेश बिहानी, सुनील महिपाल, दानाराम, भारत गर्ग, राधाकृष्ण सरावगी, बसंत गोल्यान, सत्यनारायण बिश्नोई, कृष्ण बिश्नोई, केशव भाटी, डिप्टी गोयल, संतलाल गोयल, शिवम धारीवाल, पप्पू सोनी, बाबूलाल, असलम सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान वातावरण भावनाओं से ओत-प्रोत रहा। विदाई के क्षणों में आंखें नम थीं, लेकिन हृदय संतोष और गर्व से भरे हुए थे। यह आयोजन न केवल एक बेटी के जीवन की नई शुरुआत का साक्षी बना, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का उज्ज्वल उदाहरण भी प्रस्तुत कर गया। रावतसर की इस प्रेरणादायक पहल ने यह सिद्ध कर दिया कि जब समाज मिलकर खुशियों में सहभागी बनता है, तो हर बेटी सचमुच “सबकी बेटी” बन जाती है।
