हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग पर थाने का घेराव, पुलिस ने किया स्प्रे, 10 दिन में कार्रवाई का आश्वासन
हनुमानगढ़। जिले के नेठराना गांव के छात्र अभिषेक शर्मा हत्याकांड को लेकर गुरुवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हजारों ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया। इस दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने थाने के बाहर लगाए गए बैरिकेड्स तोड़ दिए। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने स्प्रे का इस्तेमाल किया, जिससे मौके पर मौजूद लोगों की आंखों में तेज जलन होने लगी। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने मिर्ची स्प्रे का छिड़काव किया, जबकि कुछ लोगों ने दावा किया कि आंसू गैस छोड़ी गई थी। हालांकि पुलिस की ओर से इस मामले में आधिकारिक रूप से केवल स्प्रे का इस्तेमाल करने की बात कही गई है। दरअसल, नेठराना गांव निवासी 11 वर्षीय छात्र अभिषेक शर्मा की हत्या के मामले में अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे पहले भी तीन बार थाने का घेराव कर चुके हैं, लेकिन पुलिस की कार्रवाई बेहद धीमी रही है।

यहां तक कि मामले में जांच अधिकारी भी बदला जा चुका है, फिर भी पुलिस अब तक किसी नतीजे तक नहीं पहुंच पाई है। ग्रामीणों और संघर्ष समिति के सदस्यों ने बताया कि उन्होंने पुलिस प्रशासन को 5 मार्च तक आरोपियों को गिरफ्तार करने की समय सीमा दी थी। समय सीमा समाप्त होने के बावजूद भी जब कोई गिरफ्तारी नहीं हुई तो लोगों का गुस्सा बढ़ गया और उन्होंने थाने का घेराव कर दिया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से अतिरिक्त समय देने की मांग की। पहले पुलिस ने 15 दिन का समय मांगा, लेकिन ग्रामीणों ने इसे बहुत अधिक बताते हुए अस्वीकार कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद 10 दिनों में आरोपियों को पकड़ने पर सहमति बनी। आईजी ओमप्रकाश द्वारा लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद संघर्ष समिति और ग्रामीणों ने फिलहाल थाने का घेराव स्थगित करने की घोषणा कर दी। हालांकि ग्रामीणों ने साफ कहा है कि यदि तय समय में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। संघर्ष समिति ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए एसओजी को भी 30 मार्च तक का समय दिया है। समिति के सदस्यों ने चेतावनी दी है कि यदि 30 मार्च तक हत्यारों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो 31 मार्च को क्षेत्र में चक्काजाम किया जाएगा और बड़ा जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन में दीपलाना, परलीका, मोठसरा, गोगामेड़ी, खिंचवाना, भरवाना, ढिलकी जाटान, नेठराना, रामगढ़, उज्जवलवास, मुंसरी, जमाल और बरासरी सहित कई गांवों के हजारों लोग शामिल हुए। बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी के कारण क्षेत्र में काफी देर तक तनाव का माहौल बना रहा। मामले की जांच कर रही एएसपी गीता चौधरी ने बताया कि हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिलने की उम्मीद है। गौरतलब है कि नेठराना गांव निवासी 11 वर्षीय छात्र अभिषेक शर्मा 10 फरवरी की शाम घर से खेलने के लिए निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की। रात में गांव के ही एक कुएं में उसका शव मिला था। अभिषेक पांचवीं कक्षा का छात्र था। पोस्टमार्टम के दौरान उसके गले पर चोट के निशान मिलने से हत्या की आशंका जताई गई थी। घटना को अब 23 दिन से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन पुलिस को अब तक किसी आरोपी का ठोस सुराग नहीं मिल पाया है। इसी कारण ग्रामीणों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों के गुस्से का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विरोध स्वरूप इस बार गांव में होली का त्योहार भी नहीं मनाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक अभिषेक को न्याय नहीं मिलेगा और हत्यारे गिरफ्तार नहीं होंगे, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
