हनुमानगढ़। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित हनुमानगढ़ दौरे को लेकर आयोजित कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए प्रशासन पर सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है। अखिल राजस्थान राज्य संयुक्त कर्मचारी महासंघ के तहसील अध्यक्ष दशरथ ओजला ने इस संबंध में बयान जारी कर प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। दशरथ ओजला ने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में भीड़ दिखाने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा विभिन्न विभागों के कर्मचारियों, सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों, कॉलेज के छात्रों तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को अवकाश के दिन भी जबरन कार्यक्रम में बुलाया जा रहा है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताते हुए कहा कि इस प्रकार सरकारी तंत्र का उपयोग किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम के लिए करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि बच्चों और कर्मचारियों को दबाव बनाकर किसी कार्यक्रम में शामिल करना न केवल उनकी स्वतंत्रता का उल्लंघन है, बल्कि यह प्रशासनिक तंत्र की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़ा करता है। ओजला ने आरोप लगाया कि सरकार एक ओर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को दरकिनार कर चुनाव करवाने से बच रही है, जबकि दूसरी ओर अपनी छवि चमकाने के लिए प्रशासनिक संसाधनों का इस्तेमाल कर भीड़ जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। ओजला ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती भीड़ जुटाने से नहीं बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और समय पर चुनाव करवाने से होती है। उन्होंने सरकार से अपील करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए तथा सरकारी संस्थानों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों का राजनीतिक कार्यक्रमों में दुरुपयोग तुरंत बंद किया जाना चाहिए। कर्मचारी महासंघ ने मांग की है कि कर्मचारियों की लंबित मांगों को शीघ्र पूरा किया जाए और प्रशासनिक तंत्र का उपयोग केवल जनहित और विकास कार्यों के लिए ही किया जाए। महासंघ ने चेतावनी दी कि यदि इस प्रकार की स्थिति जारी रहती है तो कर्मचारी संगठन आगे आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए भी मजबूर हो सकते हैं।
