हनुमानगढ़। आगामी भद्रकाली मेले की व्यवस्थाओं को लेकर जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में हनुमानगढ़ सेवा समिति (भारत क्लब) के पदाधिकारियों ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न महत्वपूर्ण सुझाव दिए तथा संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया। समिति अध्यक्ष मदन गोपाल जिंदल और सचिव सुनील धुड़िया ने कलेक्टर को अवगत कराया कि माँ भद्रकाली मंदिर जाने वाले मोड़ से मंदिर तक लगभग 82 फीट चौड़ी सड़क का सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण कार्य चल रहा है।

हालांकि घग्घर नदी के बंधे पर स्थित हनुमान मंदिर से लगभग 500 मीटर तक अभी भी ग्रामीण सड़क पर ही यातायात संचालित हो रहा है, जिसकी स्थिति काफी खराब है और दोनों ओर शोल्डर ऊंचे-नीचे होने से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उन्होंने इस हिस्से के निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराने का अनुरोध किया। बैठक में समिति ने सुझाव दिया कि जंक्शन क्षेत्र की वर्तमान पार्किंग व्यवस्था, जो देवस्थान विभाग द्वारा मेला क्षेत्र के बीचों-बीच की जाती है, उसे मेला क्षेत्र से बाहर स्थानांतरित किया जाए ताकि श्रद्धालुओं को असुविधा न हो। इसके अलावा हनुमानगढ़ टाउन से भद्रकाली मोड़ से कॉटन फैक्ट्री तक मार्ग पर अंधेरा रहने की समस्या को देखते हुए नगरपरिषद को स्ट्रीट लाइट लगाने के निर्देश देने का भी आग्रह किया गया। समिति ने यह भी प्रस्ताव रखा कि मुख्य मेले के दिन टाउन क्षेत्र से भद्रकाली मंदिर की ओर आने वाले चार पहिया वाहनों को अमरपुरा थेड़ी मोड़ पर ही रोका जाए और वहां से मेला क्षेत्र तक ई-रिक्शा की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही मेला क्षेत्र में 19 से 27 मार्च तक सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक चिकित्सा दल एवं एंबुलेंस की व्यवस्था करने, नियमित सफाई, कचरा प्रबंधन और आगजनी की घटनाओं से बचाव के लिए दमकल वाहन तैनात करने की मांग रखी गई। बैठक में श्रद्धालुओं के लिए सरस दूध, दही, पनीर आदि के बूथ लगाने, प्रतिदिन तीन पानी के टैंकर तथा एक ठंडे पानी के टैंकर की व्यवस्था करने, मुख्य मेले के दिन केवल आवश्यक सूचनाओं के प्रसारण के लिए ध्वनि यंत्रों के उपयोग, स्ट्रीट लाइट, मोबाइल शौचालय, पॉलिथिन थैलियों पर प्रतिबंध और पार्किंग स्थलों पर निर्धारित दरों के बोर्ड लगाने जैसे सुझाव भी दिए गए।

हनुमानगढ़ सेवा समिति करेगी विशेष व्यवस्थाएं
समिति पदाधिकारियों ने बताया कि मेले के दौरान समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए पेयजल की व्यवस्था सबमर्सिबल, बड़ी टंकी और एक टैंकर के माध्यम से की जाएगी। इसके अलावा 30 स्वयंसेवक बाल्टियों के माध्यम से यात्रियों को पानी उपलब्ध कराएंगे। मेला क्षेत्र में चिकित्सा सहायता, निःशुल्क जूताघर, खोया-पाया केंद्र, श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन कराने में सुरक्षा कर्मियों को सहयोग और प्रथम नवरात्र से अष्टमी तक प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। वहीं नवमी के दिन समिति कार्यालय के पीछे महिला विश्राम गृह भी स्थापित किया जाएगा।
