– ग्राम साथिनों ने कलक्टर को सौंपा ज्ञापन, मांगों के समाधान की उठाई आवाज
हनुमानगढ़। महिला अधिकारिता विभाग के अधीन ग्राम पंचायतों में कार्यरत ग्राम साथिनों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में साथिनों ने मानदेय बढ़ाने, राज्य कर्मचारी का दर्जा देने और कार्य व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई। साथिनों ने बताया कि राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक ग्राम साथिन का पद निर्धारित है, जिसका कार्य क्षेत्र पूरी पंचायत होता है। इसके बावजूद नियुक्ति से अब तक उनके मानदेय में नाममात्र की बढ़ोतरी हुई है, जबकि सरकार की ओर से निर्धारित न्यूनतम मजदूरी इससे अधिक है। उन्होंने बताया कि मजदूरों के लिए कार्य समय 8 घंटे तय है, जबकि साथिनों को कई बार 10 से 15 घंटे तक काम करना पड़ता है।

पंचायत स्तर पर बैठक या काम करने के लिए भी उनके पास कोई स्थायी स्थान उपलब्ध नहीं है। ज्ञापन में साथिनों ने मांग की कि उन्हें राज्य कर्मचारी घोषित कर कार्य समय सीमा तय की जाए और नियमित नहीं किए जाने तक कम से कम 21 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाए। इसके साथ ही बैठकों में आने-जाने के लिए यात्रा भत्ता, पंचायत स्तर पर कार्य करने के लिए स्थान, स्टेशनरी व जाजम बैठक के लिए अलग बजट, पहचान पत्र और अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह सुविधाएं देने की मांग की गई। साथ ही सेवानिवृत्ति के बाद कम से कम 10 लाख रुपए का एकमुश्त भुगतान और उचित पेंशन व्यवस्था लागू करने की भी मांग की गई। साथिनों ने प्रशासन से उनकी मांगों का शीघ्र समाधान करने का आग्रह किया है। इस मौके पर साथिन प्रकोष्ठ नारी शक्ति कर्मचारी संगठन जिलाध्यक्ष सीमा रानी, कौशल्या देवी, छिन्द्रपाल कौर, वीरपाल कौर, सावित्री, सोनू रानी, सुलोचना, सन्जू, सरस्वती देवी, इन्द्रा देवी, सन्तोषी, नीरू जोशी, सुमन कुमारी, सरोज, रामदेवी सहित कई ग्राम साथिन मौजूद रहीं।
