-सनातन संस्कृति के संदेश के साथ निकली भव्य कलश यात्रा, पुष्पवर्षा से हुआ स्वागत
हनुमानगढ़। शहर में शनिवार को भक्ति और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला, जब सैकड़ों सौभाग्यवती महिलाओं ने मंगल कलश धारण कर भव्य कलश यात्रा निकाली। “जय श्री कृष्ण” के जयकारों से पूरा शहर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो उठा। यह कलश यात्रा अनाज मंडी में आयोजित होने जा रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथामृत के प्रचार-प्रसार और मंगल कामना के उद्देश्य से निकाली गई।

कलश यात्रा का शुभारंभ विधायक गणेश बंसल ने विधिवत रूप से किया। इस अवसर पर यजमान के रूप में रमन गर्ग अपनी धर्मपत्नी के साथ श्रीमद् भागवत महापुराण को धारण कर यात्रा में शामिल हुए। यात्रा में संत-महात्माओं सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिक, मंडी के सदस्य और श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। संत समाज में स्वामी सुखदेवानंद तथा प्रेम प्रकाशानंद भी यात्रा में शामिल होकर कथा स्थल तक पहुंचे।

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा आयोजित यह सात दिवसीय ‘श्रीमद् भागवत कथामृत’ कार्यक्रम 16 मार्च से 22 मार्च 2026 तक अनाज मंडी, हनुमानगढ़ जंक्शन में प्रतिदिन सायं 7 बजे से रात्रि 10 बजे तक आयोजित किया जाएगा।

इस पावन अवसर पर दिव्य गुरु आशुतोष महाराज की शिष्या, भागवत भास्कर साध्वी सुश्री भाग्यश्री भारती श्रीमद् भागवत कथा का अमृतमय वाचन करेंगी। कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को सनातन संस्कृति, भक्ति और श्रीकृष्ण तत्व की महिमा से अवगत कराया जाएगा। 14 मार्च को प्रातः 10 बजे दुर्गा मंदिर से प्रारंभ हुई इस विशाल कलश यात्रा में पीतांबर धारण किए सैकड़ों महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश लेकर भाग लिया।

महिलाओं के मुख से गूंजते “जय श्री कृष्ण” के जयघोषों से पूरा नगर भक्तिमय माहौल में डूब गया। यह यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई गंगा की अविरल धारा की भांति आगे बढ़ती हुई कथा स्थल अनाज मंडी पहुंची। मार्ग में कई स्थानों पर श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों द्वारा कलश यात्रा का पुष्पवर्षा के साथ भव्य स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धाभाव के साथ संत-महात्माओं का अभिनंदन किया और आयोजन की सफलता के लिए मंगल कामनाएं कीं।

कथा स्थल पहुंचने के बाद मंच पर श्रीमद् भागवत महापुराण की विधिवत स्थापना की गई। शास्त्रों के अनुसार कलश के अग्रभाग में समस्त देवताओं का निवास माना गया है तथा यह मानव मस्तिष्क में स्थित दिव्य अमृत का प्रतीक भी है। कलश यात्रा का उद्देश्य समाज में धर्म, संस्कार और सद्भावना के मूल्यों को पुनर्स्थापित करना है।

इस आयोजन के माध्यम से दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान जनमानस को आध्यात्मिक चेतना, आत्मिक शुद्धता और सनातन संस्कृति के मूल्यों से जोड़ने का प्रयास कर रहा है। श्रद्धालुओं में कथा को लेकर विशेष उत्साह और आस्था देखने को मिल रही है। आयोजकों ने शहरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में कथा में पहुंचकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने का आह्वान किया है।

