-एनएसएस शिविर: छात्राओं ने रैली निकालकर जल संरक्षण का दिया संदेश
हनुमानगढ़। सेठ राधा किशन बिहानी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, हनुमानगढ़ टाउन में आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) विशेष शिविर के दूसरे दिन रविवार को विभिन्न सामाजिक, शैक्षिक और जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। शिविर के द्वितीय दिवस का उद्देश्य छात्राओं में सेवा भावना, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता विकसित करना रहा। शिविर के दूसरे दिन की शुरुआत विद्यालय परिसर में मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुई। यह कार्यक्रम ममता खूंगर, पुष्पा शर्मा, रचना शर्मा और सुरेंद्र बेनीवाल द्वारा विधिवत रूप से दीप प्रज्वलित कर आरंभ किया गया। इसके बाद छात्राओं ने सामूहिक प्रार्थना की तथा प्रेरक विचार प्रस्तुत किए। इस अवसर पर वक्ताओं ने छात्राओं को समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझने और सेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। शिविर के अंतर्गत स्वयंसेविकाओं ने श्रमदान गतिविधि में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

छात्राओं ने विद्यालय परिसर में स्थित क्यारियों की साफ-सफाई कर उन्हें व्यवस्थित किया। उन्होंने पौधों की निराई-गुड़ाई करते हुए परिसर को स्वच्छ और हराभरा बनाए रखने का संकल्प लिया। इस दौरान छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझते हुए यह संदेश दिया कि स्वच्छ और हरित वातावरण स्वस्थ जीवन की आधारशिला है। श्रमदान के माध्यम से छात्राओं ने यह भी प्रदर्शित किया कि सामूहिक प्रयासों से किसी भी स्थान को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सकता है। द्वितीय दिवस के मुख्य कार्यक्रम के रूप में स्वयंसेविकाओं द्वारा गोद ली गई बस्ती में “जल महोत्सव” के अंतर्गत एक जागरूकता रैली निकाली गई। इस रैली का उद्देश्य आमजन को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना और पानी के महत्व को समझाना था। रैली में शामिल छात्राएं हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर चल रही थीं और जल संरक्षण से जुड़े संदेश दे रही थीं। रैली के दौरान छात्राओं ने “जल है तो कल है”, “पानी बचाओ–जीवन बचाओ”, “जल संरक्षण अपनाओ, भविष्य सुरक्षित बनाओ” जैसे प्रेरक नारे लगाए।

इन नारों के माध्यम से उन्होंने लोगों को यह संदेश देने का प्रयास किया कि पानी जीवन का आधार है और इसका संरक्षण प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। छात्राओं ने बस्ती के लोगों से अपील की कि वे पानी का सदुपयोग करें और अनावश्यक रूप से जल व्यर्थ न करें। साथ ही वर्षा जल संचयन और जल स्रोतों के संरक्षण की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। जागरूकता रैली के माध्यम से छात्राओं ने लोगों को बताया कि आज के समय में बढ़ती जनसंख्या, जल स्रोतों के अंधाधुंध दोहन और बदलते पर्यावरणीय हालात के कारण पानी की समस्या गंभीर होती जा रही है। यदि समय रहते जल संरक्षण के प्रति जागरूकता नहीं बढ़ाई गई, तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने दैनिक जीवन में पानी की बचत को प्राथमिकता देनी चाहिए। इसके पश्चात शिविर में एक विशेष जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में ट्रैफिक पुलिस थाना से पधारे अनिल चिन्दा ने छात्राओं को यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा के विषय में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सड़क पर चलते समय यातायात नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। नियमों की अनदेखी न केवल स्वयं के लिए बल्कि अन्य लोगों के लिए भी खतरनाक साबित हो सकती है। अनिल चिन्दा ने छात्राओं को हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व के बारे में भी विस्तार से बताया।

उन्होंने कहा कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का उपयोग करना जीवन की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से बताया कि कई बार छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बन जाती है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। इस अवसर पर छात्राओं ने यातायात सुरक्षा से जुड़े प्रश्न भी पूछे, जिनका अनिल चिन्दा ने सरल और प्रभावी ढंग से उत्तर दिया। इस जागरूकता सत्र के माध्यम से छात्राओं को सड़क सुरक्षा के प्रति सजग रहने की प्रेरणा मिली। दिनभर की गतिविधियों के बाद स्वयंसेविकाओं ने सामूहिक रूप से भोजन ग्रहण किया। इसके बाद छात्राओं ने दिनभर किए गए कार्यों और अनुभवों का डायरी लेखन किया। डायरी लेखन के माध्यम से छात्राओं ने अपने विचारों और अनुभवों को शब्दों में व्यक्त किया तथा यह बताया कि इस प्रकार के शिविर उनके व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती अनीता शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों को समाज से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। एनएसएस के माध्यम से छात्र-छात्राओं में सेवा भावना, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास होता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शिविर विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि उन्हें एक जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में भी प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती ममता खूंगर और कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती पुष्पा शर्मा के निर्देशन में आयोजित यह सात दिवसीय शिविर निरंतर सामाजिक जागरूकता और सेवा के संदेश के साथ आगे बढ़ रहा है। शिविर के माध्यम से छात्राएं समाज के विभिन्न विषयों पर जागरूकता फैलाने के साथ-साथ स्वयं भी नई सीख प्राप्त कर रही हैं। विद्यालय परिवार ने आशा व्यक्त की कि शिविर की आगामी गतिविधियां भी इसी प्रकार उत्साह और सामाजिक सरोकारों के साथ सफलतापूर्वक संपन्न होंगी।
